असंभव को संभव करने का साहस मोदी जी में है, बोलीं कंगना रनौत

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने पर कंगना रनौत ने मोदी सरकार को लेकर दिया ये बयान

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटाए जाने का प्रस्ताव पेश किया। जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के साथ ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने का प्रस्ताव भी सरकार ने पेश कर दिया है। सरकार के इस फैसले को लेकर जहां कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने विरोध किया है, वहीं बीएसपी, आम आदमी पार्टी और टीडीपी समेत कई दलों ने सरकार के प्रस्ताव का समर्थन कर दिया है। बॉलीवुड से भी मोदी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस बीच अभिनेत्री कंगना रनौत ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है।

'वो बस मिस्टर मोदी ही हैं...'

'वो बस मिस्टर मोदी ही हैं...'

राज्यसभा में धारा 370 को रद्द करने का प्रस्ताव लाए जाने के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत ने नरेंद्र मोदी सरकार के बारे में इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी करते हुए कहा, 'धारा 370 को खत्म करने का इंतजार लंबे समय से था। यह आतंकवाद-मुक्त राष्ट्र की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मैं लंबे समय से जोर देकर इस बात को कहती रही हूं और मुझे पता है कि अगर कोई इस असंभव उपलब्धि को हासिल कर सकता है, तो वो मिस्टर मोदी हैं। वह ना केवल एक दूरदर्शी नेता हैं, बल्कि उनके पास साहस और चरित्र की वो ताकत भी है, जो अकल्पनीय चीजों को वास्तविकता में बदल सकते हैं। इस ऐतिहासिक दिन पर जम्मू कश्मीर सहित पूरे भारत को बधाई, हम सब एक साथ मिलकर एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।'

पहले भी मोदी सरकार का समर्थन कर चुकी हैं कंगना

पहले भी मोदी सरकार का समर्थन कर चुकी हैं कंगना

आपको बता दें कि कंगना रनौत इससे पहले भी कई मौकों पर मोदी सरकार का समर्थन कर चुकी हैं। हाल ही में जब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर साहित्य और सिनेमा जगत की 49 दिग्गज हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी, तो कंगना रनौत ने इसका खुलकर विरोध किया। कंगना रनौत समेत 61 हस्तियों ने इसके विरोध में खुली चिट्टी लिखकर भी जवाब दिया। कंगना ने कहा कि ये लोग 'सेलेक्टिव विरोध' करते हैं। कंगना ने कहा, 'कुछ लोग अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए सरकार को लेकर एक झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग ऐसे जता रहे हैं कि सरकार के अंदर सबकुछ गलत हो रहा है, जबकि पहली बार चीजें सही दिशा में जा रही हैं।'

जम्‍मू-कश्‍मीर को मिला विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म

जम्‍मू-कश्‍मीर को मिला विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म

आपको बता दें कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में लागू धारा 370 को खत्म करने प्रस्ताव राज्यसभा में पेश किया। राष्‍ट्रपति के हस्‍ताक्षर के बाद अब यह कानून राज्‍य से हट गया है और जम्‍मू-कश्‍मीर को मिला विशेष राज्‍य का दर्जा खत्‍म हो चुका है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल गया है। वहीं, लद्दाख भी जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। दरअसल, आर्टिकल 370 जम्मू कश्मीर को एक विशेष राज्य का दर्जा देता था, जिसके तहत राज्य को कुछ विशेषाधिकार प्राप्त थे। धारा 370 हटने के बाद अब कोई भी भारतीय, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में संपत्ति खरीद सकेगा। यानी राज्य में संपत्ति खरीदने से रोकने वाले भेदभावपूर्ण प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है।

क्या बदलेगा जम्मू कश्मीर में

क्या बदलेगा जम्मू कश्मीर में

इस फैसले का सीधा मतलब है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलेगा भले ही वो एक ऐसे व्यक्ति से शादी करने का फैसला करें जो जम्मू और कश्मीर का रहने वाला नहीं है। इसके अलावा, विस्थापित कश्मीरी पंडित अब अपने वतन लौटने, अपना घर और दुकानें खरीदने के सपने को साकार कर सकते हैं। इस फैसले का असर सिर्फ इन दोनों पर ही नहीं होगा, बल्कि अब कोई भी भारतीय जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का हकदार है। धारा 370 पर फैसले के बाद नई व्यवस्था के लागू होने से राज्य के अंदर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ेंगे और रियल इस्टेट बाजार में भी तेजी देखने को मिलेगी। पहले केवल राज्य का निवासी ही संपत्ति को खरीद सकता था और भारतीयों को संपत्ति खरीदने पर रोक थी। ऐसी स्थिति के कारण कश्मीर के लोगों को नौकरियों का नुकसान हुआ।

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