Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

ABP C Voter Survey: एमपी में कांग्रेस, बीजेपी को बराबर वोट शेयर, निर्दलियों की रहेगी अहम भूमिका

मध्यप्रदेश में वोट शेयर के लिहाज से कांग्रेस कहीं भी भाजपा से कमजोर नहीं बैठ रही। ऐसे में अगर सीटों का गणित इसी दिशा में फिट बैठता है तो निर्दलीय सीटों पर जीतने वालों की सरकार बनाने में अहम भूमिका हो सकती है।

मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में किस दल की सरकार होगी इसका अंदाजा लगाने के लिए तमाम एजेंसियों अपने- अपने तरीके से सर्वे करने में जुटी हैं। एबीपी सी- वोटर सर्वे के मुताबिक राज्य में कांग्रेस और भाजपा की इस बार कांटे की टक्कर हो सकती है। अगर वोट शेयर के हिसाब इस इस तथ्य को देखा जाए तो सर्वे के आंकड़े यही बताते हैं। अगर सर्वे के आंकड़ों पर गौर करें और राज्य में चुनाव के दौरान कोई बड़ा एजेंडे काम नहीं करता तो दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने के मिल सकता है। ऐसें अगर सीटों का अंतर दोनों दलों ज्यादा नहीं रहता को निर्दलीय जीते प्रत्याशियों की लॉटरी लग सकती है।

सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस की बढ़त
मध्य प्रदेश के चंबल की राजनीति की बात करें तो यहां भी कांग्रेस सर्वे के मुताबिक भारी पड़ रही है। ये क्षेत्र नागरिक उड्डययन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ माना जाता है। सर्वे के मुताबिक चंबल में बीजेपी को 41 प्रतिशत, कांग्रेस को 46%, बीएसपी को तीन फीसदी और अन्य के खाते में 10 प्रतिशत वोट जा रहे हैं। मतों को प्रतिशत ही नहीं यहां सीटों को अंतर भी बड़ा दिखाया गया है। चबंल इलाके बीजेपी को 7 से 11 सीटें मिल रही हैं। जबकि कांग्रेस को यहां 22- 26 सीटें मिल सकती हैं। जबकि बीएसपी 0-2 और अन्य दलों के खाते में एक सीटें आने की बात कही जा रही है। ये पहला मौका नहीं है जब चंबल में कांग्रेस मजबूत हुई है। इससे पहले 2018 के चुनाव में भी कांग्रेस ने यहां 27 सीटें हासिल की थीं।

ABP C Voter Survey

2018 सिंधिया फैक्टर का ज्यादा असर
कांग्रेस से सिंधिया की अगल होने की वजह से पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। कमलनाथ सरकार भी गिरी। लेकिन जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी के साथ हैं, तो भी चंबल में इसका फायदा बीजेपी को उतना नहीं मिल रहा, जितना मिलना चाहिए था। एबीपी सी वोटर के सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक ग्वालियर-चंबल में बीजेपी की स्थिति मामूली सुधार हो रहा है। जबकि मंत्री विश्वास सारंग का दावा है कि मध्यप्रदेश में बीजेपी 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

पीएम मोदी की लोकप्रियता पर असर नहीं
भले ही कांग्रेस एमपी में सी वोटर सर्वे के मुताबिक मजबूत दिख रही हो लेकिन पीएम की पहली पसंद यहां पीएम मोदी ही हैं। देश के पीएम के रूप में एमपी में नरेंद्र मोदी- 57%, राहुल गांधी-18%, योगी आदित्यानाथ- 8%, केजरीवाल- 3% और अन्य- 14% लोगों को पसंद है।

AAP की एंट्री से कांग्रेस को नुकसान
आम आदमी पार्टी इस बार मध्य प्रदेश में पूरे दमखम के साथ उतरने की तैयारी में है। ऐसे में सवाल है कि इससे मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी किसको नुकसान होगा। एबीपी-सी वोटर के सर्वे के मुताबिक 42 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आम आदमी पार्टी इस बार मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकती है। वहीं 39 फीसदी लोगों को ऐसा नहीं लगता कि आम आदमी पार्टी इस दिशा में कोई चुनौती दे पाएगी।

बघेलखंड में इस बार कांग्रेस का दबदबा
56 सीटों वाले मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में एबीपी सी वोटर सर्वे के मुताबिक कांग्रेस का दबदबा कायम होने वाला है। यहां भाजपा को सिर्फ 40 जबकि कांग्रेस को 44 प्रतिशत वोट शेयर मिल सकता है। जबकि 43 सीटों वाले महाकौशल में भी दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच कांटे की टक्कर रहने वाली है। एबीपी न्‍यूज सी वोटर्स के आंकड़ों के मुताबिक यहां इस बार बीजेपी 20 से 24 सीटों के साथ बढ़त मिल रही है। जबकि कांग्रेस को 18 से 22 सीटों ही मिलने का अनुमान है।

भोपाल रीजन में कांग्रेस लग सकता है झटका
25 सीटों वाले भोपाल रीजन पर सबकी निगाहें रहती हैं। यहां बीजेपी का लंबे समय से दबदबा रहा है। इस बार भी यहां भाजपा बढ़त बना सकती है। जबकि मालवा में स्थिति में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एबीपी सी वोटर के मुताबिक 45 सीटों वाले इस क्षेत्र में 9 जिले हैं। जिसमें इंदौर और उज्जैन प्रमुख हैं। यहां से होकर कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा गुजरी' थी। जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+