वीर अभिनंदन की पत्नी भी रह चुकी हैं Squadron Leader, कहा था-'PAK से चाय की रेसिपी लेते आना'
नई दिल्ली, 22 नवंबर। आज बालाकोट एयरस्ट्राइक के हीरो विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को 'वीर चक्र' से सम्मानित किया गया है। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह ना करने वाले वर्धमान का पूरा देश अभिनंदन कर रहा है। आपको बता दें कि अभिनंदन ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद जांबाजी दिखाते हुए पाकिस्तानी एफ-16 फाइटर जेट को अपने मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान से मार गिराया था। हालांकि पाकिस्तान को करारा जवाब देते-देते उनका विमान क्रैश हो गया था, और वो पाकिस्तान की सीमा में पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया था।

60 घंटे तक पाकिस्तान की कैद में थे अभिनंदन वर्धमान
लेकिन भारत और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के कारण पाक सेना उनका बाल भी बांका नहीं कर पाई थी और 60 घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया था। कहा जाता है जिस वक्त अभिनंदन को लगा कि वो दुश्मनों के इलाके में पहुंच गए हैं तो उन्होंने सबसे पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेजों को नष्ट किया था क्योंकि उन्हें पता था कि अगर कोई भी कागज किसी भी गलत हाथ में आ जाएगा तो दिक्कत हो जाएगी। उन्होंने कुछ कागज को खा लिया था तो कुछ कागजों को उन्होंने उस तालाब के पानी में बहा दिया था, जहां उनका विमान क्रैश हुआ था।

अभिनंदन के खून में है 'देशभक्ति'
अभिनंदन के अरेस्ट होने के कुछ वीडियो भी पाकिस्तान की ओर से वायरल किए गए थे, जिसमें कुछ में उनके माथे पर चोट लगी थी, लेकिन वो मुस्कुरा रहे थे। आपको बता दें देश के लिए जान की बाजी लगाने वीर अभिनंदन वर्धमान के खून में देशभक्ति है। 21 जून, 1983 को जन्मे अभिनंदन के पिता सिंहकुट्टी वर्धमान भी पायलट रहे हैं और उनके दादाजी भारतीय वायु सेना में रह चुके हैं।

अभिनंदन की पत्नी तन्वी भी वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर रही हैं
उन्होंने बचपन से ही यही सीखा है कि देश है तो हम हैं और कुछ भी हो जाए भारत मां के ऊपर जरा भी आंच नहीं आनी चाहिए। आपको बता दें कि अभिनंदन के पिता करगिल युद्ध के दौरान वायुसेना की मिराज स्क्वाड्रन के चीफ आपरेशंस आफिसर थे और उन्हें 40 तरह के विमान उड़ाने का गौरव हासिल है और तो और अभिनंदन की पत्नी तन्वी भी वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर रही हैं।
अभिनंदन और तन्वी बचपन के साथी
अभिनंदन और तन्वी बचपन के साथी हैं। दोनों एक साथ स्कूल-कॉलेज में पढ़े हैं,दोनों ने माइक्रोबायोलॉजी में एक साथ ही पढ़ाई की थी, कॉलेज के दौरान दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ी और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।

तन्वी ने बिना रोए अभिनंदन से की थी बात
दोनों के परिवार भी दोनों के प्यार को समझते थे और इसी वजह से दोनों की शादी को तुरंत ही हरी झंडी मिल गई और दोनों पति-पत्नी बन गए। दोनों को शादी से दो बच्चे हैं। अभिनंदन की पत्नी भी बिल्कुल उन्हीं की तरह ही बहादुर हैं और इस बात का प्रमाण तब देखने को मिला। जब पाकिस्तान की कैद में अभिनंदन के लिए पूरा देश दुआएं मांग रहा था उस वक्त अरब से एक कॉल तन्वी के पास आई थी और उन्होंने कहा कि वो अभिनंदन से आपकी बात कराना चाहते हैं।

तन्वी ने अभिनंदन से पूछा था हाल-चाल
इतना सुनने के बाद तन्वी ना तो व्याकुल हुईं और ना ही रोईं बल्कि उन्होंने निडरता के साथ फोन पर बात की और फोन को रिकार्ड भी कर लिया। जब फोन के दूसरी तरफ से उन्होंने अभिनंदन की आवाज सुनी तब भी वो सहज बनी रहीं और पहला सवाल पूछा कि वो कैसे हैं? इस पर जब अभिनंदन ने कहा कि 'हां मैं ठीक हूं।'
'जब आना तो रेसिपी लेते आना'
इसके बाद तन्वी ने पूछा कि चाय कैसी लगी? क्या वो मेरी चाय से बेहतर थी? इस पर अभिनंदन ने कहा था 'हां'। इस पर तन्वी ने कहा कि 'जब आना तो रेसिपी लेते आना।' और इसके बाद फोन कट गया। मालूम हो कि अभिनंदन जब पाकिस्तान की कैद में थे, उस वक्त एक वीडियो पाकिस्तान की ओर से रिलीज किया गया था, जिसमें वो चाय पीते हुए नजर आ रहे थे, पाकिस्तान की ओर से ये दिखाने की कोशिश की जा रही थी पाकिस्तान में अभिनंदन को सुरक्षित रखा गया है।












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