जेल से घर तक तो खामोश गईं नूपुर तलवार, मां को देख खुद को ना रोक सकीं
जेल से निकल कर चुपचार घर गए तलवार दपंति, मां को देख फूट पड़ी नूपुर
नई दिल्ली। अपनी बेटी आरुषि की हत्या के केस में बीते हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी होने के आज (सोमवार) डॉक्टर राजेश और उनकी नूपुर तलवार रिहा हो गए। डासना जेल से रिहाई के दौरान राजेश तलवार और नूपुर से बात करने को मीडिया का हुजूम खड़ा था लेकिन वो बिना किसी से कोई बात किए कार में बैठकर निकल गए।

सोमवार को करीब शाम पांच बजे राजेश और नूपुर तलवार जेल से बाहर आए दोनों हाथ में बैग लिए हुए थे। इससे पहले दोनों ने जेल में कैदी के तौर पर कमाए 99 हजार रुपए जेल अथॉरिटी को गरीबों को देने के लिए दान में दे दिया। राजेश तलवार ने डासना जेल में चार साल गुजारे हैं। जेल के सामने खामोश दिख रही नूपुर घर जाकर अपनी मां से मिलीं तो खुद को रोक ना सकीं और उनके गले लग फूट-फूट कर रोईं।
जेल से बाहर आने के बाद तलवार दंपति ने तो खामोशी अख्तियार करके रखी लेकिन उनके वकील ने अपने मुवक्किल के लिए लोगों से शान्ति मांगी। तलवार के वकील ने कहा कि उनके साथ इंसाफ हुआ है। कोई भी ऐसा कोई शख्स नहीं है जिसे उनके निर्दोष होने पर शक हो। हम सबसे गुजारिश करते हैं कि उनको उनका खोया हुआ सम्मान, आदर लौटा दें। उन्हें अब शांति से जीने दें।












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