आरुषि-हेमराज मर्डर केस में फैसला थोड़ी देर

फैसले के बारे में किसी संभावना पर उनके रुख के बारे में पूछे गए एक सवाल पर मीर ने कहा कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है और वे बेदाग बरी हो जाएंगे।उन्होंने यह भी कहा कि फैसला सुनने के लिए तलवार दंपति अदालत परिसर में ही हैं।
चर्चित हत्याकांड मामले में आने वाले फैसले के मद्देनजर राज्य पुलिस ने न्यायालय के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।गाजियाबाद के विशेष न्यायाधीश श्यामलाल फैसला सुनाएंगे। यह मामला 15 मई, 2008 का है, जब नोएडा निवासी राजेश एवं नुपूर तलवार के घर में उनकी 14 वर्षीय बेटी आरुषि और उनके नौकर हेमराज को मृत पाया गया था।
तलवार दंपत्ति पर हत्या और सबूतों को मिटाने का आरोप लगा है। राजेश पर नोएडा पुलिस में नकली प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 203 के तहत अतिरिक्त मामला दर्ज किया गया है।
इसे कवर करने के लिए मीडियाकर्मियों की भी भीड़ एकत्र हो गई है। इस मामले की जांच पहले उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही थी, लेकिन घटना के 15 दिन बाद 31 मई, 2008 को यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया।
तलवार दंपत्ति के खिलाफ 25 मई, 2012 को मामला दर्ज किया गया था, और इसके बाद सुनवाई शुरू हुई थी। दोनों के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं होने की वजह से सीबीआई का मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है।
किसी अन्य के इसमें शामिल होने के सबूत न मिलने पर सीबीआई ने तलवार दंपत्ति को हत्यारा माना है। सीबीआई के अनुसार घटना के दौरान मकान संख्या एल-32 में सिर्फ चार लोग ही मौजूद थे, जिसमें दो की हत्या हो गई थी।
सीबीआई वकील आर.के.सैनी ने यह कहा है कि घटना के दौरान किसी अन्य बाहरी व्यक्ति के सबूत नहीं मिले हैं, आरुषि के शव के साथ छेड़छाड़ की गई थी और हेमराज के शव को छत पर छुपा दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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