राघव चड्ढा को राज्यसभा से किया गया सस्पेंड, संजय सिंह के निलंबन को अगले सत्र तक बढाया
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया है। उनके उपर यह कार्रवाई फर्जी हस्ताक्षर मामले में की गई है। विशेषाधिकारी समिति की रिपोर्ट आने तक राघव चड्ढा राज्यसभा से निलंबित रहेंगे।
आप सांसद राघव चड्ढा से पहले आप के दूसरे सांसद संजय सिंह को निलंबित कर दिया गया था। संजय सिंह को निलंबन की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है। संजय सिंह अगले सत्र में भी सस्पेंड रहेंगे।

वहीं दूसरी ओर राघव चड्ढा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और कहना है कि उनके खिलाफ फर्जी प्रोपेगैंडा चलाया जा रहा है। राघव चड्ढा ने भाजपा को चुनौती देते हुए उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को आज "विशेषाधिकार के उल्लंघन" के चलते राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया। उन पर आऱोप लगाया गया है कि उन्होंने चार सांसदों की सहमति के बिना उन्हें हाउस पैनल में नामित किया था।
उच्च सदन के नेता पीयूष गोयल द्वारा राघव चड्डा को निलंबित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया था। आप सांसद को तब तक के लिए निलंबित किया गया है जब तक कि विशेषाधिकार समिति अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती है। पीयूष गोयल ने आप नेता के "अनैतिक आचरण" की आलोचना की और इसे "नियमों की अपमानजनक अवहेलना" बताया।
आप के एक अन्य सांसद संजय सिंह के निलंबन की अवधि भी तब तक बढ़ा दी गई जब तक कि विशेषाधिकार समिति उनके खिलाफ शिकायतों पर फैसला नहीं कर लेती। पीयूष गोयल ने कहा, संजय सिंह ने भी जिस तरह से आचरण किया वो भी बेहद निंदनीय है। वो निलंबन के बाद भी सदन में बैठे रहे। इसकी वजह से सदन की कार्रवाई भी स्थगित करनी पड़ी। ये चेयर का अपमान है। संजय सिंह अब तक 56 बार वेल में आ चुके हैं जो दिखाता है की वो सदन की कार्रवाई बाधित करना चाहते हैं।












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