अहंकार में डूबते ‘आप’ के एमएलए
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) कामयाबी का नशा आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ नेताओं को पच नहीं रहा है। वे घमंडी होते जा रहे हैं। उनमें वेद प्रकाश भी हैं। उन्हेंबहुत ही उम्मीद के साथ बवाना क्षेत्र के लोगों ने एमएलए बनाया था। वह आम आदमी पार्टी की टिकट पर जीते थे।
दिन-रात काम किया
चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने निस्वार्थ भाव से विजयी बनाने के लिए दिन रात मेहनत की। लेकिन दुख इस बात का है कि विधायक बनते ही वह अहंकार में डूब गया। दिल्ली ग्रामीण क्षेत्र को करीब से जानने वाले लेखक और पत्रकार आनंद राणा ने बताया कि बीती सोमवार 16 मार्च को कंझावला चौक पर कुतुब गढ़, मुगेशपुर, जटखोड, पंजाब खोड, कटेवडा के लोग डीटीसी बस के इ्ंतजार में खड़े थे, रात को 9 बजे से 11 बजे तक कोई बस नहीं आयी। करीब 200 लोगों की भीड़ में करीब 20 महिलाएं भी थी। बस नहीं आने की समस्या हर रोज की है।
किया फोन
लोगों ने दुखी होकर विधायक वेद प्रकाश को के मोबाइल पर फोन किया गया तो वे बोले रात को मैं बात नहीं करता। लोगों को समस्या है तो मेरे से दिन में बात करें। इतना असभ्य, बेहूदा आचरण देख लोग हैरान थे। यही वेद प्रकाश कुछ दिन पहले चुनाव के समय रात 2 बजे भी नींद से जगाकर लोगों से वोट मांगता था। कुर्सी मिलते ही घमंड में चूर हो गया है।
कुतुब गढ़ इलाके के लोगों में इस आदमी के खिलाफ बहुत गुस्सा है। जो विधायक अपने क्षेत्र के लोगों के दुख दर्द और समस्या को दूर करने की बजाय अपनी मौज को प्राथमिकता देता हो उसको निक्कमा ही कहा जा सकता है।
अब लोगों को घर तो पहुंचाना था इसलिए परिवहन मंत्री गोपाल राय के मोबाइल पर बात की। उनके सहायक ने बहुत ही आदर के साथ समस्या सुनी और बस भिजवाई। राणा कहते हैं कि अगर वेद प्रकाश जी ये समझते हैं कि कुतुब गढ़ की बसें कटवा देगे तो वो अपना पूरा दम लगा ले, बस हटवा नहीं पायेंगे।
अकड़ मंजूर नहीं
कुतुब गढ़ के लोगों ने उसको वोट दिया था और अब उसकी अकड़ को भी कम करेंगे। इस बीच, जानकारों का कहना है कि आप के कुछ और एमएलए भी बेहद घमंडी हो गए हैं। वे अपने क्षेत्र के लोगों की बात नहीं सुनते।













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