Aadhaar Card: मौत के बाद क्या होता है 'आधार कार्ड' का? फ्रॉड रोकने के लिए सरकार करने जा रही है ये बड़ा काम

आधार कार्ड बैंकिंग लेनदेन, एलपीजी सिब्‍सडी, पीपएफ खाते और सरकारी स्‍कॉलरशिप जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी यह जरूरी दस्‍तावेज है।

Aadhaar card deactivate with holder’s death once a death certificate is issued

Aadhaar Card:देश में आधार के इस्तेमाल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आज के समय में एक जरूरी पहचान पत्र बन गया है। किसी भी दूसरे दस्तावेज को बनाने के लिए इसे एक पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसके अधिक इस्तेमाल के साथ इसके दुरुपयोग की खबरें भी सामने आ रही है। लोग दूसरों के आधार कार्ड के जरिए फ्रॉड की घटानाओं को अंजाम दे रहे हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं। जहां मृत शख्स के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा हुआ है। सरकार अब ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है।
सरकार मौत के बाद नागरिकों के आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करना शुरू कर सकती है।

Aadhaar card

लोग कर रहे थे आधार का गलत इस्तेमाल
कई बार ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति के मौत होने के बाद भी उसके आधार कार्ड पर पेंशन आदि का लाभ उठाया जाता रहा है। ऐसी घटनाओं के रोकने के लिए सरकार मौत के बाद आधार आईडी डीएक्टिवेट करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और भारत के महापंजीयक ने एक ऐसी सुविधा शुरू करने वाली है।

Aadhaar card

धारक की मौत के साथ आधार खत्म हो जाएगा!
जिसमें आधार कार्ड धारक का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसकी आधार आईडी अपने आप डीएक्टिवेट हो जाएगी। इसलिए, एक आधार उसके धारक की मृत्यु के साथ समाप्त हो जाएगा। यूआईडीआई इसे सभी राज्यों में लागू करने के लिए बातचीत कर रही है। अभी तक इस सिस्टम से 20 राज्य जुड़े चुके हैं और बाकी राज्यों को जोड़ा जा रहा है। ये योजना आधार 2.0 का हिस्सा हैं।

Aadhaar card deactivate with holder’s death once a death certificate is issued

कैसे डीएक्टिवेट होगा आधार?

किसी शख्स की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेगा। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद मृतक के परिवार के सदस्यों के साथ संपर्क किया जाएगा। ताकि उस शख्स के नाम कोई पैसा और जमीन जो परिवार के लोगों को मिलनी चाहिए। उसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जब मृतक से संबधित जमीन और पैसा उनके परिजनों के मिल जाएगा।इसके बाद परिवार की सहमति से आधार नंबर निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

कई राज्यों के साथ यूआईडीएआई काम कर रही है
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसको लागू करने के लिए यूआईडीएआई राज्य सरकारों के साथ चर्चा कर रही है। यह कदम आधार 2.0 कार्यक्रम के तहत उठाए जा रहे हैं। इसे शुरू करने के पीछे केंद्र सरकार की ये मंशा है कि, आधार की विश्वसनीयता में और सुधार किया जा सके। वहीं लोगों को आधार कार्ड लेकर जिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनसे मुक्ति मिल सके। जिनमें सबसे बड़ी दिक्कत उन लोगों को जिनके कार्ड 10 साल पहले बने हैं और अपडेट नहीं हो पाए हैं।

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