मिलिये उस जज से जिसने एक नहीं 2740 गलत फैसले दिए

नई दिल्ली। कोर्ट और न्यायाधीशों के लिए देश लोगों का सबसे ज्यादा सम्मान है। लेकिन दिल्ली में एक ऐसा जज सामने आया है जिसने 2740 लोगों को गलत तरीके से जमानत दिला दी। लेकिन रूकिये देश की न्यायप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले इस जज के बारे में जान लीजिये।

court

दरअसल दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके से पुलिस ने 77 साल के धनीराम नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो फर्जी जज बनकर तकरीबन तीन हजार लोगों को गलत तरीके से जमानत दे चुका है। पुलिस ने इन महाशय को उस समय गिरफ्तार किया जिस वक्त ये एक कार चोरी कर रहे थे। लेकिन पुलिस को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह बुजुर्ग चोर देश का सबसे बड़ा फर्जी जज निकलेगा।

धनीराम नाम का यह नटवरलाल रेलवे में स्टेशन मास्टर के रूप में काम कर चुका है। लेकिन मन नहीं लगने की वजह से इन्होंने नौकरी छोड़ दी। पुलिस से पूछताछ के दौरान धनीराम ने बताया कि झज्जर कोर्ट के एक एडिशनल सेशन जज पर किसी मामले की विभागीय जांच चल रही थी। उसी दौरान इन महाशय ने फर्जी लेटर बनाकर एडिशनल सेशन जज को छुट्टी पर भेजकर खुद उनकी जगह जज बनकर फैसले सुनाने लगे। इस दौरान इन्होंने 2740 लोगों को जमानत दे दी।

धनीराम को इससे पहले 21 बार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लेकिन इस बार गिरफ्तार होने के बाद धनीराम की तबियत खराब हो गयी जिसके बाद इन्हें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि यह महाशय रेलवे में स्टेशन मास्टर की नौकरी करने के पहले कोलकाता से हैंडराईटिंग एक्सपर्ट का तीन साल का कोर्स कर चुके हैं। जिस वजह से हैंडराईटिंग की कॉपी करने में धनीराम को महारत हासिल है। किसी को दूर से भी हस्ताक्षर करते देख धनीराम उसका हुबहू हस्ताक्षर कर सकते हैं। बाद में धनीराम ने एलएलबी करने के बाद वकालत शुरू कर दी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+