... इतने लाख दो, सेना में बड़ा अफसर बनवा दूंगा

रविवार को लैंसडौन में चार मार्च को गौचर में हुई थल सेना भर्ती रैली की लिखित परीक्षा थी। परीक्षा देने बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। परीक्षा देने आए एक युवक ने अभिलेख कार्यालय में तैनात रिश्तेदार सैनिक लक्ष्मण सिंह को बताया कि उसने भर्ती के लिए एक व्यक्ति को 50 हजार रुपये दिए हैं। इस पर लक्ष्मण सिंह ने आरोपी से गांधी चौक स्थित एक होटल में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान आरोपी ने अपना परिचय सेना भर्ती कार्यालय में तैनात कैप्टन भगवान सिंह के रूप में दिया।
सेना से जुड़े सवालों का जबाव न दे पाने पर लक्ष्मण सिंह को तुंरत ही उसके फर्जी होने का अंदेशा हो गया। लक्ष्मण सिंह ने इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंच गए और आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद रेजीमेंटल पुलिस के जवान राइफलमैन लक्ष्मण और सुदर्शन आरोपी को पकड़ कर कोतवाली ले आए।
आरोप है कि जिला चमोली, थाना देवाल के ग्राम कोठी निवासी इंद्र सिंह के पुत्र हरिकृष्ण सिंह बिष्ट ने भर्ती के नाम पर चमोली जनपद के करीब 50 युवाओं से भर्ती के नाम पर लाखों रुपये ठगे हैं। खास बात यह है कि जिन युवाओं से यह रकम ली गई है, उनमें अधिकांश भर्ती रैली में शामिल ही नही हुए थे।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसिंह मेहता ने बताया की आरोपी के पास से सेना भर्ती कार्यालय के चिकित्साधिकारी की फर्जी मोहर, एडमिट कार्ड, ठगे गए युवाओं के प्रमाण-पत्र आदि कागजात बरामद किए गए है। बताया की आरोपी इससे पूर्व वर्ष 2009 में आइटीबीपी देहरादून की चर्चित भर्ती घोटले में भी आरोपी है।
पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया की एक वकील ने उसे इस मामले से रिहा करवाने के लिए 12 लाख रुपए मांगे थे। इसी रकम को जुटाने के लिए उसने इस भर्ती घोटाले को अंजाम दिया। आरोपी ने ठगी की रकम दो युवकों के बैंक खाते में जमा कराई है। इन युवाओं के एटीएम कार्ड औ पासवर्ड भी आरोपी के पास थे।
सेना भर्ती कार्यालय के सूबेदार तीरथ राम की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को आशंका है युवाओं से आरोपी ने करीब 25 लाख रुपये ठगे हैं। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने इसे देशद्रोह मानते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।












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