Corona: वुहान में रह रहे हैं 80 भारतीय छात्र, 70 ने आने से किया मना, 10 स्टूडेंट को है बुखार
नई दिल्ली। चीन में मौत का दूसरा रूप बन चुके कोरोना वायरस ने वहां अब तक करीब 550 लोगों की मौत का कारण बन चुका है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने वुहान में रह रहे भारतीयों की जानकारी शुक्रवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने कहा कि लगभग 80 भारतीय छात्र वुहान में रह रहे हैं बाकियों को भारत वापस लाया जा चुका है। इनमें से 10 भारतीय छात्र हवाई अड्डे पर आए थे लेकिन उन्हें बुखार हो रहा था। इसलिए स्क्रीनिंग के बाद चीन के प्राधिकरण ने उन्हें फ्लाइट पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी।

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आगे बताया कि हमने सभी 80 छात्रों से संपर्क किया है। उनमें से 70 ने वुहान में रहना चुना और वुहान से भारत लाई गई दो फ्लाइटों में नहीं आए। दूतावास सभी छात्रों के संपर्क में है, हम नियमित रूप से उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राज्यसभा में बताया कि हम कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने में अन्य देशों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए नमूनों का परीक्षण करने की पेशकश की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि मालदीव के नागरिकों के नमूनों का परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। अफगानिस्तान के अनुरोध पर नमूना परीक्षण के लिए भी सहमति हुई है। हम इस संक्रामक बीमारी और यात्रियों की स्क्रीनिंग के प्रबंधन में भूटान को तकनीकी सहायता प्रदान करने पर सहमत हुए हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस चीन से बाहर भी कई देशों में फैल चुका है। भारत के केरल में तीन मामले सामने आए हैं।
विमान की कराई गई थी इमरजेंसी लैंडिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरलाइंस के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि दो फरवरी को एयर इंडिया का विमान बी747 चीन के वुहान शहर से 323 भारतीय और मालदीव के 7 नागरिकों को लेकर दिल्ली पहुंचा था। उस एयर इंडिया के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। जहाज अभी हवा में ही था तभी पता चला कि कॉकपिट विंडो की कांच में क्रैक है।
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