सर्वे में खुलासा: भारत में 10 में से 8 लोग होते हैं ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार
नई दिल्ली। इन दिनों इंटरनेट लोगों को जोड़ने और सौहार्द्रता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लोग इंटरनेट पर ही सबसे ज्यादा उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। इसे ऑनलाइन उत्पीड़न कहते हैं। नॉर्टन की तरफ से हाल ही में एशिया प्रशांत क्षेत्र में साइबरस्टॉक और ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों की तुलना में भारत में सबसे अधिक लोगों को ऑनलाइन प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से आठ भारतीयों ने किसी भी रूप में ऑनलाइन उत्पीड़न की बात स्वीकार की है। देश में इस सर्वेक्षण में 1,035 व्यस्कों को शामिल किया गया है।

गालीगलौच और अपमानित किए जाने का मामला आम
गालीगलौच और अपमानित किये जाने के मामले सबसे आम हैं। इंटरनेट पर सर्फ करने वाले करीब 63 फीसदी लोगों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता है। करीब 45% भारतीयों ने कहा कि उन्हें सीधे तौर पर हिंसा की धमकी मिली। हालांकि ऑस्ट्रेलिया में ऐसे 35, न्यूजीलैंड में 37 और जापान में 20 प्रतिशत मामले देखने को मिले।

ऑनलाइन अफवाह की भी शिकार
59 फीसदी युवाओं के मुताबिक उन्हें लेकर ऑनलाइन अफवाहें फैलाई गईं। भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया में 35%, न्यूजीलैंड में 37% और जापान में 20% लोग इसका सामना कर चुके है। रिपोर्ट में पता चला कि मुंबई में 51 प्रतिशत लोगों , दिल्ली में 47 प्रतिशत और हैदराबाद में 46 प्रतिशत लोग ऑनलाइन धमकियों का शिकार हो चुके हैं।

महिलाओं और कमजोर दिमाग वालों के साथ ज्यादा
अध्ययन में पाया गया है कि ऑनलाइन प्रताड़ना के 40 फीसदी मामले अपरिचितों द्वारा अंजाम दिए जाते हैं। सबसे चिंताजनक बात ये है कि इस तरह की हरकतें महिलाओं और कमजोर दिमागी क्षमता वाले लोगों के साथ ज्यादा होती हैं। यौन उत्पीड़न के मामले दिल्ली और मुंबई (43 प्रतिशत) की पीड़ितों के मुकाबले सबसे अधिक थी, इसके बाद कोलकाता (37 प्रतिशत) और बेंगलुरु (36 प्रतिशत) थे।












Click it and Unblock the Notifications