7th Pay Commission: आखिर क्यों नाखुश हैं 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी, जानिए वजह?

नई दिल्ली। देशभर के केंद्रीय कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इन कर्मचारियों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वेतन आयोग की सिफारिशें अब तक लागू नहीं हो पाई हैं। सरकार और केंद्रीय कर्मचारी यूनियन्स के बीच सैलरी बढ़ोतरी की वजह से अब तक विवाद का निपटारा नहीं हो सका है, जिसकी वजह से सैलरी में बढ़ोतरी अब तक रूकी हुई है।

 नाराज है 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी

नाराज है 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी

वेतन आयोग की सिफारिशों को अब तक अमल में नहीं लाया गया है। केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीद थी कि अप्रैल से उन्हें बढ़ी हुई सैलरी मिलने लगेगी,लेकिन लगता नहीं है कि ऐसा हो पाएगा। कर्मचारी यूनियन्स और केंद्र सरकार के बीच अब तक मांगों को लेकर तालमेल नहीं बैठ पाया है, जिसकी वजह से वेतन बढ़ोतरी में देरी हो रही है।

लोकसभा, राज्यसभा के कर्मचारियों के लिए समिति

लोकसभा, राज्यसभा के कर्मचारियों के लिए समिति

आपको बता दें कि सातवें वेतन आयोग से अलग लोकसभा और राज्यसभा के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं की समीक्षा के लिए एक 6 सदस्यीय समिति बनाई गई है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इस समिती का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष डॉ मुरली मनोहर जोशी होंगे। वहीं समिति में मल्लिकार्जुन खड़गे,एम. वीरप्पा मोइली, अनंत कुमार,अरुण जेटली और राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव है। ये समिति अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेगी।

 7वें वेतन आयोग में सचिवालय के कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं

7वें वेतन आयोग में सचिवालय के कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं

इस मामले पर मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि सरकार द्वारा गठित सातवें वेतन आयोग में लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के कर्मचारियों के वेतन के बारे में सिफारिश नहीं है। इसलिए इस समिती का गठन किया गया है। यह समिति राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष के कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतनस भत्ते, छुट्टियां, पेंशन के बारे में सिफारिश करेगी।

 कर्मचारियों को बेहतर लाइफस्टाइल देना चाहती है सरकार

कर्मचारियों को बेहतर लाइफस्टाइल देना चाहती है सरकार

केंद्र सरकार पे स्केल 1 से 5 के कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी करने का मन बना रही है। सरकार चाहती है कि सभी को अच्छी लाइफस्टाइल मिले। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18000 रुपए प्रति माह होगी और फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुना बढ़ा दिया गया है, लेकिन कर्मचारी इससे नाखुश हैं।

लोअर लेवल पर मिनिमम सैलरी में बढ़ोतरी

लोअर लेवल पर मिनिमम सैलरी में बढ़ोतरी

सरकार और केंद्रीय कर्मचारी यूनियन्स के बीच सैलरी बढ़ोतरी को लेकर अब तक बातचीत का दौरा जारी है। केंद्रीय कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी मिनिमम सैलरी 26,000 रुपए प्रति महीने हो, जबकि फिटमेंट फेक्टर को 3.68 गुना बढाया जाए। सैलरी बढ़ोतरी को लेकर फैसला की डेडलाइन 1 महीने बाद है। हालांकि सूत्रों की माने तो सरकार लोअर लेवल पर मिनिमम सैलरी में बढ़ोतरी कर सकती है।

कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

वेतन आयोग की सिफारिशों और मिनिमम सैलरी में बढ़ोतरी नहीं करने के लोकर कर्मचारी यूनिनयंस अब विरोध प्रदर्शन और धरने पर उतर गए है। उन्होंने सरकार को धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है, ताकि सरकरा पर दवाब बने और सैलरी में बढ़ोतरी को मंजूरी मिल जाए।

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