7th Pay Commission: समझौते के मूड में नहीं कर्मचारी, देशव्यापी हड़ताल की धमकी
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नई दिल्ली। पिछले काफी समय से केंद्रीय कर्मचारी अपने वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर केंद्र सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं। लेकिन अब आखिरकार केंद्रीय कर्मचारी अपना आपा खोते नजर आ रहे हैं। एक केंद्रीय कर्मचारी का कहना है कि अब काफी समय हो गया है, हमारी मांगों का मजाक बना दिया गया है, हमे से वायदा किया गया था कि हमारे वेतन को बढ़ाया जाएगा, लेकिन लेकिन अब साफ हो गया है कि भाजपा सरकार जान बूझकर इसे लगातार टाल रही है। केंद्रीय कर्मचारी का कहना है है कि अगर सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो उसे इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे, हम बेवकूफ नहीं है जिसे आप बार-बार बहलात रहेंगे। वित्त राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन का राज्यसभा में बयान जो बयान दिया है उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। दरअसल जिस तरह से हाल ही में मोदी सरकार ने साफ किया है कि वह न्यूनतम सैलरी को बढ़ाने के मूड में नहीं है, उसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों की नाराजगी काफी बढ़ गई है।

हड़ताल की धमकी
दरअसल केंद्रीय मंत्री राधाकृष्ण ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा था कि सरकार न्यूनतम सैलरी को बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने साफ किया था कि वह 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त किसी भी मांग पर विचार नहीं कर रहे हैं। सदन में न्यूनतम सैलरी को लेकर नीरज शेखर ने सवाल पूछा था जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों में रोष है। राधाकृष्णन के बयान के बाद कर्मचारियों में काफी गुस्सा है, यहां तक कि कर्मचारियों ने पूरे देश में काम ठप करने की भी धमकी दी है।

जारी रहेगा संघर्ष
नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन के सदस्य शिव गोपाल ने कहा है कि न्यूनतम सैलरी को बढ़ाने का संघर्ष जारी रहेगा। शिव गोपाल ने ही केंद्र सरकार ने ही केंद्र सरकार की ओर से 7वें वेतन आयोग में कर्मचारियों का पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि कर्मचारी गुस्से में हैं, लोगों में बहुत असंतोष है, मैं आपको बता देना चाहता हूं कि न्यूनतम वेतन की मांग अभी खत्म नहीं हुई है। हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे। अगर हमारी मांगी पूरी नहीं होती हैं तो प्रदर्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

क्या है कर्मचारियों की मांग
आपको बता दें कि केंद्रीय कर्मचारी न्यूनतम सैलरी को 18000 से बढ़ाकर 26000 रुपए किए जाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले यह खबर सामने आई थी कि सरकार इस मांग को पूरा करने की कोशिश कर रही है और वह न्यूनतम सैलरी को 21000 रुपए कर सकती है।
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