रेलवे के 77 सीनियर अफसर बीते नौ महीने में ले चुके वीआरएस, काम का दवाब है वजह!
नई दिल्ली, 14 अप्रैल: रेलवे में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगने वाले कर्मचारियों-अफसरों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। बीते एक साल में काफी कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन कर चुके हैं, जिसमें बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। बीते नौ महीने में ही रेलवे के 77 वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लिया है। इनमें दो सचिव स्तर के अधिकारी भी हैं। किसी भी वित्तीय वर्ष में पहली बार रेलवे से इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों नेवीआरएस लिया है।

बीते साल जुलाई में रेल मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को प्रदर्शन करने या बाहर होने के लिए तैयार रहने की बात कही थी। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्री इस बात पर जोर देते रहे हैं कि उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो प्रदर्शन नहीं करते और भ्रष्टाचार का सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा है कि या तो वे वीआरएस ले लें नहीं तो उनको बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इस सबके बीच इस साल जनवरी में ही रेलवे से अधिकतम 11 अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। इसे प्रदर्शन करने के बढ़ते दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।
रेलवे के अलग-अलग जोन में काम कर रहे वरिष्ठ इंजीनियरों ने भी इस पर सहमति व्यक्त की है कि प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। मंत्रालय ने काफी मुश्किल टारगेट भी रखे हैं। रेलवे में उच्च स्तर से निगरानी के कारण पिछले कुछ महीनों में चीजें बहुत बदल गई हैं। कुछ ऐसे लोगों ने वीआरएस भी लिया है क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें उचित पदोन्नति नहीं मिली है।












Click it and Unblock the Notifications