हिमाचल में बारिश-भूस्खलन से 71 लोगों की मौत, 7500 करोड़ का नुकसान, शिमला में कई घर गिरे
Himachal Pradesh Rain Landslides: हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन का कहर जारी है। बारिश और भूस्खलन से अब तक 71 लोगों की मौत हो गई। मकान ढहने से घायलों को बचाने और मलबे से शव निकालने के लिए अभियान जारी है।
आपदा प्रबंधन के चीफ सेक्रेटरी ओंकार चंद शर्मा ने हिमाचल में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान पर कहा कि अब तक लगभग 7500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें अबतक 71 लोगों की मौत हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि 13 से 15 अगस्त के बीच काफी मौतें हुई हैं। संपत्ति नुकसान के बढ़ने की आशंका है। पिछले तीन दिनों में राज्य में 2500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मौसम कार्यालय ने अगले दो दिनों में हिमाचल प्रदेश भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके साथ ही उत्तराखंड में भी भारी नुकसान हुआ है। भारी बारिश और लैंडस्लाइड से उत्तराखंड में भी कई मौतें हुई हैं। वहीं, शिमला में ढहे शिव मंदिर के मलबे से एक शव निकाला गया। शिमला में अलग भूस्खलन की घटना में दो लोगों की मौत हो गई। शिमला के कृष्णानगर इलाके में भूस्खलन के बाद आठ घर ढह गए और एक बूचड़खाना मलबे में दब गया।
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सोमवार से अब तक कुल 19 शव बरामद किए गए हैं। जिनमें से 12 समर हिल में शिव मंदिर स्थल से, पांच फागली और दो शव कृष्णानगर से बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 10 से अधिक लोगों के अभी भी शिव मंदिर में फंसे होने की आशंका है।
शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सेना ने पुलिस और एसडीआरएफ के साथ मिलकर सुबह करीब छह बजे समर हिल में बचाव अभियान फिर से शुरू किया। भारी बारिश के बाद सोमवार रात को बचाव अभियान रोक दिया गया था।
इस बीच, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मूसलाधार बारिश को देखते हुए शिक्षण गतिविधियों को 19 अगस्त तक निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी भी 20 अगस्त तक बंद रहेगी।
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