• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

50 फीसदी लोगों को विश्‍वास डौंडिया खेड़ा में नहीं निकलेगा सोना

By Ajay
|
Google Oneindia News

उन्‍नाव। उत्‍तर प्रदेश के छोटे से शहर उन्‍नाव का डौंडिया खेड़ा गांव पीपली लाइव से लेकर मालामाल वीकली तक बन गया है। चारों तरफ मीडिया का हुजूम है और हर जगह सिर्फ एक ही चर्चा है- सोना निकला तो हमें क्‍या मिलेगा? सरकार खुदाई में जुट गई है, साधु संत मंत्रोच्‍चारण कर रहे हैं और न्‍यायपालिका यह तय करने में लगी है कि आखिर किसकी निगाराी में यह खजाना निकाला जाना चाहिये। इन सबके बीच आम आदमी पूरे विश्‍वास के साथ कह रहा है कि उन्‍नाव में 1000 टन सोना नहीं निकलेगा।

हमने इस संबंध में एक सर्वे कराया और लोगों से पूछा कि उन्‍नाव के डौंडिया खेड़ा में 1000 टन का खजाना निकलेगा या नहीं। आप भी दें अपना मत। तो करीब एक हजार लोगों ने इस पोल में हिस्‍सा लिया, जिनमें 50 फीसदी लोगों ने कहा 'कतई नहीं'।

में सोने की खुदाई का दूसरा दिन है और विवाद अभी से उठने लगे हैं। जिस ढंग से एएसआई की टीम खुदाई कर रही है, उस पर सोने का स्‍वप्‍न देखने वाले संत शोभन सरकार नाराज हो गये हैं। वहीं 34 फीसदी लोगों ने कहा कि इस संबंध में वो कुछ नहीं कह सकते हैं। यानी उनका मन संत शोभन सरकार की भविष्‍यवाणी और सरकारी मशीनरी के बीच हिचकोले खा रहा है। इसी सर्वे में मात्र 16 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिन्‍हें संत शोभन के स्‍वप्‍न पर पूरा विश्‍वास है। इनका मानना है कि सोना जरूर निकलेगा।

शोभन सरकार हुए नाराज

शोभन सरकार हुए नाराज

एएसआई के खुदाई करने के ढंग से नाराज हुए संत शोभन सरकार नाराज हो गये हैं। उन्‍होंने आश्रम छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि शोभन सरकार के नाराज होने के बाद वहां मौजूद साधु संतों का भी मन खट्टा हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें डौंडिया खेड़ा में चल रही खुदाई को कोर्ट द्वारा निर्धारित एक टीम की निगरानी में किये जाने की मांग की गई है।

राजा राम बक्‍श सिंह का खजाना

राजा राम बक्‍श सिंह का खजाना

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पूर्ववर्ती वैश्य राजपूत शासक राजा राव राम बक्‍श सिंह के किले के खंडहरों में 180 वर्ष पुराने मंदिर के समीप दबे खजाना दबे होने की बात कही गई है।

राजा का इतिहास

राजा का इतिहास

राव राम बख्श सिंह इलाके के राजा था और उन्हें 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। उनके महल को तबाह कर दिया, लेकिन डौड़िया खेड़ा गांव के समीप किले में दबा उनका खजाना छिपा ही रह गया। सातवीं सदी में मशहूर चीनी यात्री हुएन सांग ने हयमुख की यात्रा की थी और उन्होंने इस स्थान पर पांच बौद्ध मठ होने का उल्लेख किया था। कनिंघम ने कहा था कि डौड़िया खेड़ा वैश्य राजपूतों की राजधानी बनी, जिसका नाम बाद में बैसवाड़ा कर दिया गया।

कुछ हाथ नहीं लगा

कुछ हाथ नहीं लगा

पुरातत्व अधिकारियों को पहले दिन खुदाई में कुछ हाथ नहीं लगा। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्नाव के जिलाधिकारी क़े एस़ आनंद ने कहा, "एएसआई और जियोलजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) के अधिकारियों की टीम ने खुदाई शुरू करवा दी है। खुदाई में 30 से 40 दिन का समय लग सकता है।"

अधिकारियों के पास जवाब नहीं

अधिकारियों के पास जवाब नहीं

खुदाई में कितना समय लगेगा? सोना जमीन में कहां पर और कितने नीचे दबा है? इस तरह के तमाम सवाल लोगों के मन में हैं, जिनका जवाब फिलहाल खुद एएसआई के अधिकारियों के पास भी नहीं है। किले और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। पुलिस के साथ पीएसी के लगभग 50 जवानों की तैनाती की गई है।

शोभन सरकार ने देखा सपना

शोभन सरकार ने देखा सपना

उन्नाव के बक्सर स्थित डौंडिया खेड़ा में राजा राव रामबख्श सिंह के किले में खजाने की बात संत शोभन सरकार ने कही है। बक्सर से एक किलोमीटर दूर अपने आश्रम में सरकार ने तीन महीने पहले सपना देखा कि 1857 में अग्रेजों से लड़ाई में शहीद हुए राजा के किले के नीचे खजाना दबा है।

पांच मीटर पर धातु होने के संकेत

पांच मीटर पर धातु होने के संकेत

एएसआई अधिकारियों की टीम को मौके पर सर्वेक्षण के बाद किले के 20-25 फुट नीचे धातु के दबे होने के कुछ संकेत मिले। विचार-विमर्श के बाद एएसआई अधिकारियों ने 18 अक्टूबर से खुदाई किए जाने का निर्णय लिया। इतिहासकार दावा कर रहे हैं कि किले की जमीन में इतनी मात्रा में सोना मिलना मुश्किल है, क्योंकि राजा राव रामबख्श सिंह इतने बड़े और वैभवशाली शासक नहीं थे। वहीं स्थानीय लोग शोभन सरकार की बात को सच मान रहे हैं।

दावेदार आये

दावेदार आये

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल और उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सुनील यादव ने कहा कि खुदाई में जो निकलेगा वह उत्तर प्रदेश सरकर की सम्पत्ति होगी। इलाके के ग्राम प्रधान अजयपाल सिंह ने कहा, "सोना निकलता है तो इससे हमारे क्षेत्र का विकास किया जाए।" वहीं खुद को राजा का वंशज बताने वाले राजेश कुमार सिंह ने कहा कि 'खजाने से सरकार हमें पुर्नस्थापित करने का काम करे।'

त्रिशूल में छिपा खजाने का राज

त्रिशूल में छिपा खजाने का राज

किले के गुंबद पर त्रिशूल आज भी सुशोभित है। वैसे तो अधिकांश शिव मंदिरों के शिखर पर त्रिशूल होता है, लेकिन इस मंदिर का त्रिशूल इतिहास समेटे है। खजाने का राज भी इससे जुड़ा है। कहते हैं कि सूरज की पहली किरण जब त्रिशूल पर पड़ती है तो मंदिर ऊंचा होने के कारण त्रिशूल की छाया किले में बने कुएं के पास पड़ती है। राजा ने खजाने को सुरक्षित रखने के लिए इसी स्थान को चुना, ताकि कभी स्थान को लेकर किसी तरह की भूल या भ्रम न हो।

English summary
According to a survey 50 percent people said that ASI team will not find 1000 ton gold in Daundiya Khera village of Unnao in Uttar Pradesh.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X