नरेंद्र मोदी को गरियाने के बजाये यह 5 चीजें करे कांग्रेस
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी के भाषण पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मोदी तथ्यों का एंकाउंटर कर रहे हैं। वहीं दिग्विजय सिंह ने मोदी के बारे में कहा कि मोदी की राजनीति के बारे में सुनकर अच्छा लगा, लेकिन तेंदुआ अपने पैरों के निशान नहीं मिटा सकता। इससे पहले ट्वीट किया, "फेकू मोदी इस बेस्ट, जो एनडीए शासन के फेक आंकड़े दे रहे हैं।" वहीं राहुल गांधी ने भी मोदी पर हाल ही में जमकर हमला बोला।
आपको क्या लगता है, क्या इन सब से कांग्रेस का भला होने वाला है? नहीं। कतई नहीं, क्योंकि कांग्रेस को अगर लोकसभा चुनाव में जीतना है, या फिर बेहतर प्रदर्शन करना है, तो अभी से ही मोदी को गरियाने के बजाये कुछ बातों पर अमल करना होगा।
यह बात इसलिये जरूरी है, क्योंकि नरेंद्र मोदी एक के बाद एक रैली कर रहे हैं। उनकी रैलियां सिर्फ गुजरात या दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आंध्र प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ और आगे चलकर तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आदि समेत कई राज्यों में रैलियां होनी हैं। इसमें कोई शक नहीं कि मोदी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और कांग्रेस पार्टी में उनके कद का एक भी नेता इस समय नहीं दिखाई दे रहा है। मोदी इफेक्ट के चलते एनडीए की पकड़ मजबूत होती दिखाई दे रही है, जिसका फायदा एनडीए को चुनाव में जरूर मिलेगा।
खास बात यह है कि कांग्रेस ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय दल जैसे समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, आदि भी मोदी के आगे फीके पड़ गये हैं। किसी के पास कोई रणनीति फिलहाल नजर नहीं आ रही है, जो मोदी को बीट कर सके। खैर हम यहां कांग्रेस की बात कर रहे हैं, लिहाजा अब समय आ गया है, जब मोदी पर शब्दबाण चलाने के बजाये कांग्रेस ये पांच काम कर डाले-

दिग्विजय जैसे लोगों को चुप करायें
मोदी के हर बड़े आयोजन के बाद कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह व अन्य बड़े नेता ऐसे बयान दे देते हैं, जिसमें देश को हिन्दू मुस्लिम के रूप में बांटने की दुर्गंध आती है। दिग्विजय सिंह का ट्वीट ही ले लीजिये जिसमें उन्होंने लिखा, "टोपी तब पहनी नहीँ , अब टोपी से प्यार ? परिवर्तन है ह्रदय का ? बदल गया व्यवहार । बदल गया व्यवहार , बुलाये टोपी वाले : आयेँ सब खातून" यहां सीधे तौर पर हिन्दू-मुस्लिम में फूट डालने जैसी बात लिखी गई है।

पीएम कैंडिडेट घोषित करें
कांग्रेस पार्टी का वंशवाद से बाहर निकलना तो मुश्किल है। जब पार्टी के नेता राहुल गांधी को ही पीएम बनाने का सपना देख रहे हैं, तो उन्हें तत्काल कांग्रेस का पीएम कैंडिडेट घोषित कर देना चाहिये। इससे पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और राहुल गांधी का कॉन्फीडेंस। दूसरी बात यह कि कौन कहता है कि एक युवा नेता किसी अनुभवी राजनीतिज्ञ को चुनौती नहीं दे सकता।

मोदी पर समय न गवायें
कांग्रेस के नेताओं को मोदी की कमिया निकालने में समय नष्ट करने के बजाये, नई योजना बनाने के बारे में सोचना चाहिये, कि कैसे अपने 9 साल के शासन के सकारात्मक बिंदुओं को जनता के सामने रखें, कि अगले चुनाव में वोट पक्का हो जाये।

मीडिया का सही इस्तेमाल
देखा जाता है कि कांग्रेस पार्टी मीडिया को मैनेज करने में हर बार फेल हो जाती है। जबकि भाजपा इस काम में माहिर है। राहुल गांधी इस मामले में कुछ दिग्गजों को अपने साथ जोड़ सकते हैं, जो कांग्रेस की तस्वीर को मीडिया के माध्यम से सुधार सकें।

तुरंत लोकसभा चुनाव करायें
शासन में तमाम प्रकार की खामियों के कारण कांग्रेस की किरकिरी हर जगह होती दिखाई दे रही है। कुछ महीने पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत एक सकारात्मक हवा का रुख थी, लेकिन कांग्रेस उसे भुना नहीं पायी। अगर उसी हवा का रुख अन्य राज्यों की ओर करते हुए तुरंत लोकसभा चुनाव की घोषणा कर दी जाती, तो कांग्रेस की वापसी के चांस बन सकते थे। खैर देर अभी भी नहीं हुई है, अगर अब भी चुनावों की घोषणा कर दी जाये, तो लोग कांग्रेस को वोट कर सकते हैं।












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