पांच सेक्टर जो 2016 में बदल देंगे भारत की तस्वीर
लखनऊ। अब बहुत से लोगों शिक्षा इंटरनेट के जरिए मिलना शुरु हो जाएगी। जिन लोगों के आधार नंबर आधार पर अब अशिक्षित लोगों को गैर परंपरागत तरीके से बिजली मुहैया करायी जाएगी। जी हां नया साल दुनिया में काफी तेजी से आर्थिक विकास की राह पर दौड़ रहे भारत का है।
इस साल भारत में कई ऐसी नीतिया और योजनायें शुरु होने वाली हैं जो देश की तस्वीर को बदलने का माद्दा रखती है। आज हम आपको ऐसे ही 5 क्षेत्र के बारे में रूबरू करायेंगे।

आधार कार्ड
इस वर्ष माना जा रहा है कि आधार संख्या पाने वालों की संख्या 100 करोड़ पहुंच जाएगी। 30 नवंबर 2015 तक के आंकड़े के अनुसार अभी तक 90.4 करोड़ लोगो को आधार नंबर मुहैया कराने के लिए 6427 करोड़ रुपए खर्च किये जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी देश के नागरिकों को बैंक अकाउंट, ग्रामीण नौकरी, गैस और खाने की सब्सिडी सहित कई चीजों के लिए आधार कार्ड के इस्तेमाल की इजाजत दी है। ऐसे में इस साल आधार संख्या देश की प्रगति की रफ्तार को कई गुना तेजी से बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा।

नवीन ऊर्जा की शुरुआत
इस वर्ष भारत 12गीगा वाट बिजली का उत्पादन नवीन उर्जा के माध्यम से उत्पादित करने की योजना बना रहा है। इसकी मदद से वर्ष 2022 तक 175 गीगावाट बिजली का उत्पादन होगा जिससे वर्ष 2022 तक लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस नवीन उर्रजा को दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसके लिए 600000 करोड़ रुपए की आवश्यकता पडेगी या यूं कहें कि मौजूद रक्षा बजट का चार गुना पैसा 2022 तक जरूरत होगी।

410 जिले हैं 100 फीसदी साक्षर
मानव संसाधन मंत्रालय ने संसद ग्राम योजना के तहत 410 जिलों में मार्च 2014 तक सौ फीसदी साक्षरता का संकल्प लिया है। लेकिन अन्य ब्रिक्स देशों की तुलना में अभी भी भारत में 20.82 लाख लोग निरक्षर हैं।

अमेरिका से ज्यादा ऑनलाइन
दिसंबर 2015 के आंकड़ों पर नजर डालें तो 40 करोड़ से अधिक लोग भारत में ऑनलाइन हैं यानि कि वो इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। जोकि पिछली वर्ष की तुलना में 49 फीसदी अधिक है। इसके साथ इंटरने इस्तेमाल करने के मामले में भारत अमेरिका के बाद दूसरा देश बन गया है। माना जा रहा है कि जून 2016 तक 40 करोड़ 62 लाख लोगो इंटरनेट से जुड़ जायेंगे। मौजूदा समय मे 71 फीसदी इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों में से 29 फीसदी महिलायें है।

हाईवे के क्षेत्र में क्रांति
मौजूदा समय में 100 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क निर्माण सरकार का लक्ष्य है। जबकि मौजूदा समय में 18 किलोमीटर प्रतिदिन की रफ्तार से यह हो रहा है। इस साल इस रफ्तार को 30 किलोमीटर प्रतिदिन किया जाएगा। इसी वर्ष भारत-म्यांमार- थाइलैंड की बीच 4000 किलोमीटर लंबा हाईवे का निर्माण भी शुरु होगा। इसके साथ ही 20 अन्य हाइवे की शुरुआत होगी, यही नहीं समुद्र पर ब्रिज और कनाल के भी बनने की शुरुआत होगी। जिससे 50 लाख से अधिका का रोजगार आने वाले साल में लोगों को मिलेगा।












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