चीन की चालबाजी: साल 2017 में 426 बार हुई भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिशें
केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि साल 2017 में चीनी सेना की ओर से भारतीय सीमा में होने वाली घुसपैठ में इजाफा हुआ है। सरकार के मुताबिक साल 2016 में जहां चीन की ओर से 273 बार घुसपैठ हुई तो वहीं 2017 में यह आंकड़ां 426 तक पहुंच गया।
केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि साल 2017 में चीनी सेना की ओर से भारतीय सीमा में होने वाली घुसपैठ में इजाफा हुआ है। सरकार के मुताबिक साल 2016 में जहां चीन की ओर से 273 बार घुसपैठ हुई तो वहीं 2017 में यह आंकड़ां 426 तक पहुंच गया। आपको बता दें कि पिछले साल ही भारत और चीन के बीच डोकलाम सीमा विवाद चला था जो 70 दिन के बाद खत्म हो सका था।

राज्यसभा में दी गई जानकारी
सोमवार को रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे की ओर से राज्यसभा में बताया गया कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर दोनों देशों के बीच स्थिति साफ न होने की वजह से टकराव के हालात पैदा हुए थे। उन्होंने बताया कि साल 2016 में जहां 273 बार घुसपैठ हुई तो साल 2017 में चीनी सेना की ओर से 426 बार घुसपैठ की कोशिशें की गईं। भामरे के मुताबिक सरकार ने सही प्रक्रिया का पालन करते हुए चीनी पक्ष को हालातों के बारे में पूरी तरह से जानकारी दी थी। भारत और चीन के बीच करीब 4,000 लंबी सीमा है।
73 दिन तक रही टकराव की स्थिति
पिछले साल 16 जून को भारत और चीन के बीच डोकलाम में 73 दिनों तक टकराव की स्थिति रही थी। डोकलाम विवाद उस समय पैदा हुआ था जब भारत की तरफ से विवादित क्षेत्र में चीनी सेना की ओर से जारी निर्माण कार्य को रोका गया था। भूटान और चीन दोनों के बीच ही डोकलाम को लेकर विवाद है। 28 अगस्त को दोनों देशों के बीच टकराव खत्म हो सका था।
दिसंबर में फिर से भारत और चीन के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी जब अरुणाचल प्रदेश के अपर सियानगिन में स्थित तूतिन में चीनी दल करीब एक किलोमीटर तक दाखिल हो गया था। लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की ओर से रोकने के बाद चीन की ओर से सड़क निर्माण करने वाला यह दल वापस अपनी सीमा में चला गया। उस समय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की ओर से बयान दिया गया था कि अब समय आ गया है जब देश को अपना ध्यान पश्चिमी नहीं बल्कि उत्तरी सीमाओं की ओर देना होगा।
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