चीन के साथ हिंसक झड़प में घायल 4 भारतीय सैनिकों की हालत गंभीर: सूत्र
नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर 15 जून की रात जो हिंसक झड़प हुई थी, उसमे एक कर्नल और दो जवानों की मौत हो गई थी, जबकि 17 जवान जोकि इस झड़प में घायल हुए थे, उनकी मंगलवार को मृत्यु हो गई। सूत्रों के अनुसार अभी भी चार जवान जो इस झड़प में घायल हुए थे, उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार इन सभी चार जवानों का इलाज चल रहा है, लेकिन इनकी हालत काफी संवेदनशील है और ये नाजुक हालात में हैं।
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1975 के बाद यह पहली बार है कि भारत-चीन के बाद हिंसक घटना सीमा पर हुई है, जिसमे जवानों की जान गई है। सूत्रों के अनुसार 6 जून को दोनों सेनाओं के बीच जो बात हुई उसमे 16 बिहार रेजीमेंड के कर्नल संतोष भी शामिल थे और उन्होंने बातचीत की शुरुआत की थी। बातचीत के दौरान चीन की ओर से बहस उग्र हो गई और चीन के सैनिकों ने भारत के सैनिकों पर पत्थर, डंडों पर लगी लोहे की कील से हमला कर दिया। सूत्र ने बताया कि यह हमला जानलेवा था और यह पूरी तैयारी के साथ, सोच समझकर किया गया था ताकि कर्नल की जान चली जाए।
बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक हमले में भारतीय सेना के जवानों की शहादत से पूरे देश में गुस्सा है। भारतीय सूत्रों के मुताबिक चीन के भी 43 जवान मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआत में, भारतीय सेना ने कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक मारे गए। बाद में भारतीय सेना ने बयान में बताया कि 15-16 जून की रात भारत-चीन की झड़प हुई थी, लाइन ऑफ ड्यूटी पर 17 भारतीय टुकड़ियां जख्मी हुई हैं। वहीं, उप-शून्य तापमान में हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुए हैं, जिनकी संख्या 20 है। भारतीय सेना राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।












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