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Tripura election result: चार चेहरे जिनकी वजह से नॉर्थ ईस्ट पर चढ़ा रंग गेरुआ

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर के 3 राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा बाजी मारती हुई नजर आ रही है। जहां त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी 25 साल से चली आ रही लेफ्ट की सरकार को उखाड़ बहुमत के साथ सरकार बनाती हुई दिख रही है तो वहीं नागालैंड में एनडीपीपी के साथ मिलकर भाजपा की गठबंधन सरकार बनने की संभावना बन रही है। पूर्वोत्तर में भाजपा की इस बड़ी जीत के पीछे पार्टी के 4 चेहरों ने अहम भूमिका निभाई है। आइए जानते हैं कौन हैं ये 4 चेहरे...

सुनील देवधर

सुनील देवधर

त्रिपुरा में 25 सालों से एकछत्र राज कर रही लेफ्ट की सरकार को भाजपा ने उसी के गढ़ में धूल चटा दी है। अभी तक के रुझानों के मुताबिक भाजपा त्रिपुरा में 60 में से 41 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सरकार बनाती हुई दिख रही है। त्रिपुरा में भाजपा के इस ऐतिहासिक जीत के पीछे जिस एक व्यक्ति का सबसे अहम योगदान है वे सुनील देवधर हैं। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रचारक रहे सुनील देवधर को 3 साल पहले पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने त्रिपुरा में पार्टी प्रभारी बनाकर भेजा था। उस वक्त त्रिपुरा में भाजपा को कोई जनाधार नहीं था लेकिन देवधर ने त्रिपुरा के गांव गांव और 60 विधानसभा सीटों का दौरा कर पार्टी के लिए ऐसी रणनीति तैयार किया कि पार्टी कुछ ही दिनों में राज्य की मुख्य पार्टी बन गई। राज्य में पार्टी का आधार बनाने के लिए उन्होंने सबसे पहले त्रिपुरा के करीब 30 हजार युवाओं को पार्टी से जोड़ा। साथ ही उन्होंने विपक्ष पार्टियों में सेंधमारी करते हुए तमाम बड़े नेताओं और विधायकों को भाजपा में शामिल करा लिया। त्रिपुरा में पार्टी प्रभारी बनने से पहले सुनील देवधर 12 सालों तक संघ प्रचारक के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

राम माधव

राम माधव

2014 में आरएसएस से भारतीय जनता पार्टी में महासचिव के तौर पर आए राम माधव सिर्फ की गिनती सिर्फ 4 सालों में ही पार्टी के मुख्य रणनीतिकारों में होने लगी है। असम में तरुण गोगोई का किला ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाने वाले राम माधव को पार्टी ने पूर्वोत्तर राज्यों का प्रभारी बनाया। त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय में पार्टी उम्मीदवार उतारने से लेकर पार्टी की रणनीति तय करने में राम माधन वे अहम भूमिका निभाई। राम माधव की रणनीति और कूटनीति की बदौलत ही आज पूर्वोत्तर के 7 राज्यों में से 5 में भाजपा की सरकार बन रही है।

हेमंत बिस्वा सरमा

हेमंत बिस्वा सरमा

असम में कभी कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाने वाले हेमंत विस्वा सरमा 2015 में असम चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद से ही पूर्वोत्तर में हेंमत बिस्वा पार्टी भाजपा का जनाधार बढ़ाने में जुट गए थे। पूर्वोत्तर के दो और राज्य अरुणाचल और मणिपुर में भी भाजपा की सरकार बनाने में हेमंत बिस्वा ने अहम भूमिका निभाई थी।

बिप्लब देव

बिप्लब देव

त्रिपुरा में सुनील देवधर के साथ मिलकर जिस एक शख्स ने पार्टी की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई वो शख्स है- बिप्लव देव। बिप्लब कुमार देब को 2016 में त्रिपुरा बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। त्रिपुरा ट्राइबल एरियास ऑटोमोनस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के साथ मिलकर त्रिपुरा के उन ग्राणीण क्षेत्रों में भाजपा का प्रचार किया जिसे 25 सालों से लेफ्ट का गढ़ माना जाता था। बिप्लब देव इस वक्त त्रिपुरा में मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे हैं।

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