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इराक में 39 भारतीयों की मौत पर वीके सिंह ने विपक्ष को दिया ये जवाब

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    नई दिल्लीः विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद में सूचित किया कि साल 2014 में इराक में आईएसआईएस द्वारा अगवा किए गए 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। इसको लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार इराक में 'जीवन के प्रमाण' की तलाश कर रही थी क्योंकि उन्हें मृत घोषित कर देना 'हमेशा एक आसान रास्ता' था।

    39 Indians killed in Iraq VK Singh reply to opposition

    विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए ट्विटर पर लिखा, 'क्या हमारी गलती थी कि हमने अपने देशवासियों के जीवित होने की आशा कि? उन सभी के परिवारवालों को होने वाले दुख को नहीं आंका जा सकता। ईश्वर उन्हें शक्ति दे इस दुख को झेलने की। इस दुख में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। परंतु विपक्ष के द्वारा लगाया गया आरोप उनकी नकारात्मकता को ही दर्शाता है।'

    वीके सिंह इस मामले पर आगे लिखते हैं कि 'कल्पना करिए यदि उन सभी के जीवित होने की एक प्रतिशत भी संभावना होती और हम सभी उनसे मुंह मोड़ लेते, तो यह हमारे बारे में क्या बताता? यदि भविष्य में भी इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होगी तो भी हमारी तरफ से कोई कसर नहीं रहेगी। भारतीयों का जीवन इतना सस्ता नहीं। दुख है, मगर इसका मलाल नहीं की हमने 2014 में ही हार क्यों नहीं मान ली।'

    बता दें, इराक के मोसुल में जून 2014 में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने 40 भारतीयों को अगवा कर लिया था, लेकिन उनमें से एक शख्स खुद को बांग्लादेश का मुस्लिम बताकर बच निकलने में कामयाब रहा।

    यह भी पढ़ें- इराक में 39 भारतीयों की मौत पर पीएम मोदी ने जताया दुख

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    English summary
    39 Indians killed in Iraq VK Singh reply to opposition

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