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इन 2 फैसलों की वजह से सीजेआई खेहर को याद रखेगा देश

By Rahul Sankrityayan
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नई दिल्ली। बीते 2 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट के दो फैसलों ने पूरे देश में व्यापक बदलाव की घंटी बजा दी। 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने जहां तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया वहीं आज 24 अगस्त को एक अन्य संवैधानिक पीठ ने राइट टू प्राइवेसी यानी निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना।

ये भी पढ़ें: क्या है राइट टू प्राइवेसी या निजता का अधिकार? साल 1895 से हो रही है इस पर बहस

इन सबके बीच जो एक बड़ा नाम सामने आया वो है चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जगदीश सिंह खेहर का। बता दें कि खेहर का कार्यकाल बतौर सीजेआई सिर्फ 6 महीने का है, जो 27 अगस्त को पूरा हो रहा है। बता दें कि देश खेहर को इस 6 महीने के कार्यकाल को याद रखेगा।

आखिरी महीने के आखिरी हफ्ते में...

आखिरी महीने के आखिरी हफ्ते में...

खेहर के 6 महीने के कार्यकाल के आखिरी महीने के आखिरी हफ्ते में संवैधानिक पीठ की ओर से 2 फैसले दिए गए। दोनों पीठों के अध्यक्ष खेहर ही थे। तीन तलाक के मामले में पांच सदस्यीय न्यायधीशों की पीठ में सीजेआई जे. एस. खेहर, जस्टिस कुरियन जोसफ, जस्टिस आर. एफ. नरीमन, जस्टिस यू. यू. ललित और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर शामिल थे।

तीन तलाक के फैसले में ये थे जज

तीन तलाक के फैसले में ये थे जज

राइट टू प्राइवेसी के लिए बनी 9 न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ में जगदीश सिंह खेहर के साथ जस्टिस जे चेलामेश्वर,जस्टिस एस ए बोबड़े, जस्टिस आर के अग्रवाल, जस्टिस रोहिंगटन फली नरीमन,जस्टिस अभय मनोहर सप्रे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एस अब्दुल नजीर भी शामिल थे।

तीन तलाक पर खेहर ने कहा था...

तीन तलाक पर खेहर ने कहा था...

तीन तलाक वाले मामले में खेहर ने अपने फैसले में कहा था कि अदालत अपने विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दे रही है कि 6 महीने के भीतर तीन तलाक पर कानून बनाएं। कानून बनाने के लिए 6 महीने का वक्त दिया है और तब तक के लिए तीन तलाक पर रोक लगा दी गई है। जेएस खेहर ने कहा था कि संसद इस मसले पर 6 महीने का कानून बनाएं। खेहर ने कहा कि राजनीतिक दल अपने अपने पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए आगे आएं। खेहर ने कहा था कि तालाक-ए-बिद्दत संविधान के अनुच्छेद 14,15,21 और 25 का उल्लंघन नहीं कर रहा है।

राइट टू प्राइवेसी में दिया सरकार को झटका

राइट टू प्राइवेसी में दिया सरकार को झटका

वहीं राइट टू प्राइवेसी के मामले में भी खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसे मौलिका अधिकार करार दिया, जिसे केंद्र की मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले तीन तलाक की सुनवाई की शुरुआत में खेहर ने सरकार से मदद की मांग की थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि हम इस मसले पर छुट्टियों में भी सुनावाई कर सकते हैं। बता दें कि खेहर के बाद जस्टिस दीपक मिश्रा, सीजेआई बनेंगे।

Live: सुप्रीम कोर्ट ने कहा राइट टू प्राइवेसी है मौलिक अधिकार

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English summary
2 Decisions in tenure of cji js khehar on which country will remember him-supreme court-triple talaq-
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