2.7 करोड़ को नहीं मिला कंफर्म रेल टिकट, शशि थरूर बोले- आजादी के 75 साल बाद भी कंफर्म टिकट किस्मत का खेल
ट्रेन में टिकट बुक कराने पर कंफर्म टिकट नहीं मिलने को लेकर कांग्रेस शशि थरूर ने सवाल खड़ा किया है। थरूर ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी कंफर्म टिकट नहीं मिल पाना किस्मत का खेल है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्रेन में टिकटों की बुकिंग पर बढ़ती वेटिंग पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि टिकट बुक करने की सुविधा किस्मत पर आधारित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य तौर पर लोगों को टिकट बुक करने पर सीट मिलनी चाहिए।
शशि थरूर ने कहा कि सरकार एकतरफा ध्यान वंदे भारत ट्रेनों पर दे रही है, जोकि चिंता का विषय है। दरअसल एक आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि 2.7 करोड़ यात्री 2022-23 में टिकट खरीदने के बाद भी रेल यात्रा नहीं कर सके क्योंकि उनका टिकट कंफर्म नहीं हुआ।
इस आरटीआई के जवाब का हवाला देते हुए थरूर ने कहा आखिर कब भारतीय रेलवे में यह लंबी वेटिंग खत्म होगी। 2.7 करोड़ यात्रियों को कंफर्म सीट नहीं मिल सकी, इस साल वेटिंग लिस्ट में रहने वाले यात्रियों की यह सर्वाधिक संख्या है, जिनके टिकटों को ऑटोमैटिक कैंसल कर दिया गया।
कांग्रेस सांसद ने वंदे भारत ट्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन सिर्फ इसी पर ध्यान केंद्रित करना चिंतित करता है। आजादी के 75 साल पूरे होने के बाद भी लोगों को ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है, इसके लिए उन्हें किस्मत पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस मसले को सरकार को तत्काल प्रभाव से देखना चाहिए।
बता दें कि मध्य प्रदेश के एक्टिविस्ट चंद्रशेकर गौड़ ने आरटीआई दायर की थी। इस आरटीआई के जवाब में रेलवे बोर्ड की ओर से कहा गया है कि 2022-23 में कुल 1.76 करोड़ यात्रियों को ट्रेन में टिकट करने का मौका मिला, जिनके नाम पीएनआर जारी किया गया, जबकि 2.72 करोड़ यात्री जिन्होंने टिकट बुक वह कंफर्म नहीं होने की वजह से कैंसल हो गया।
वर्ष 2021-22 में कुल 1.06 करोड़ यात्रियों को कंफर्म टिकट मिला जबकि 1.65 करोड़ यात्रियों का टिकट कैंसल हो गया क्योंकि उन्हें कंफर्म सीट नहीं मिल सकी। टिकट कैंसल होने के बाद यात्रियों को उनका पैसा वापस दे दिया जाता है। रेलवे में कंफर्म टिकट नहीं मिल पाना लंबे समय से एक बड़ी चिंता बनी हुई है।












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