7th पे कमीशन की मांग को लेकर महाराष्ट्र बंद का आज दूसरा दिन, कई ऑफिसों में कामकाज ठप
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के करीब 17 लाख कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग सहित विभिन्न मांगों पर दबाव बनाने के लिए तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे हैं। आज इस हड़ताल का दूसरा दिन है। ये सभी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का असर स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग पर दिखने लगा है। वहीं, सरकार ने हड़ताल को बेअसर बताया है। सरकार का कहना है कि मंत्रालय में 70 प्रतिशत और मंत्रालय से बाहर 37 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी काम पर आए। इसके विपरीत यूनियनों ने महज 5 प्रतिशत कर्मचारियों के ड्यूटी पर होने का दावा किया है।

17 लाख कर्मचारियों की इस हड़ताल से विभिन्न मंत्रालयों, जिला कलेक्टर, तहसील और तालुका स्तर पर सभी सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ है। शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा और अन्य संस्थानों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति बेहद कम रही। हड़ताल के चलते आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार से शुरू हुए ये हड़ताल गुरुवार तक जारी रहेगी। कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल के सौ प्रतिशत सफल रहने का किया है।
महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी संगठन (एमएसईओ) के अनुसार सरकार एक जनवरी, 2016 से बकाया सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं कर रही है। इस संबंध में कर्मचारी संगठन ने 16 जुलाई को सरकार को हड़ताल पर जाने की सूचना दी थी। इसके बावजूद कोई सुनवाई न होने पर कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। इस हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों में अधिकतर तीसरे और चौथी श्रेणी के कर्मचारी हैं।
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महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी संगठन (एमएसईओ) की मांगों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के अलावा राज्य में पांच दिन की साप्ताहिक कार्यप्रणाली लागू करना एवं रिक्त पड़े करीब दो लाख पदों को भरना भी शामिल है।









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