पुलवामा हमला: नाबालिग फिदायीन ने हमला करने से पहले रिकॉर्ड किया था वीडियो, प्लान का हुआ था जिक्र
श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर स्थित पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के ट्रेनिंग सेंटर पर हुए आतंकी हमले में तीसरे आतंकी का शव बरामद हो गया है। पुलवामा के लेथापोरा में मौजूद चार मंजिला CRPF के ट्रेनिंग सेंटर में तलाशी अभियान के दौरान शव बरामद हुआ। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली। इस हमले में CRPF के 5 जवान शहीद हुए और 3 आतंकी मार गिराए गए। मारे गए आतंकवादियों में एक पुलिसकर्मी का बेटा शामिल है, जो 16 साल का है। ये लड़का कुछ महीने पहले जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था। हमले से पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश दिया रिकॉर्ड किया किया जिसमें उन्होंने अर्धसैनिक शिविर पर हमला करने की योजना के बारे में बात की थी और जो अब व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल साझा किया जा रहा है। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

ये बेहतर संकेत नहीं
अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है कि एक फिदाइन या आत्मघाती हमलावर ने एक हमले से पहले एक संदेश रिकॉर्ड किया है। सुरक्षा बल वीडियो का विश्लेषण कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यह वास्तव में चिंता का विषय है, ऐसे समय में जब हम यह कोशिश कर रहे हैं कि यूथ वापस मेनस्ट्रीम में जाएं, कई युवा वापस आए और आतंक का रास्ता छोड़ दिया लेकिन इस युवक का सामने आना बेहतर संकेत नहीं है।

आतंकियों ने पहले ग्रेनेड से हमला किया
बता दें कि शनिवार देर रात करीब 2 बजे 3 आतंकी सीआरपीएफ के कैंप में घुस गए थे। आतंकियों ने पहले ग्रेनेड से हमला किया था। इस हमले सेना के 5 जवान शहीद हो गए थे। 3 जवान जख्मी हुए हैं। आतंकियों ने ब्लॉक नंबर 3 को अपना टारगेट बनाया है। चार मंजिला इस इमारत में 3 ब्लॉक हैं। बिल्डिंग का पहला ब्लॉक अधिकारियों के आवासीय परिसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जबकि दूसरे ब्लॉक में मेन ऑफिस के साथ क्षेत्राधिकारी कार्यालय भी है।

पुलिस अफसर का बेटा आतंकी!
आतंकियों ने ब्लॉक नंबर 3 को अपना टारगेट बनाया है। सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने वाले दो आतंकियों की पहचान हो गई है। ये दोनों जम्मू-कश्मीर के ही रहने वाले थे। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर पुलिस में तैनात पुलिस अफसर का 16 साल का बेटा है।

10th क्लास में पढ़ता था
एक का नाम मंजूर अहमद बाबा जबकि दूसरे का नाम फरदीन अहमद खांडे है। बाबा पुलवामा का ही रहने वाला था जबकि खांडे बुरहान वानी के इलाके त्राल का था। खांडे के पिता गुलाम मोहम्मद खांडे जम्मू-कश्मीर पुलिस में ही अफसर हैं। फरदीन महज 16 साल का था और 10th क्लास में पढ़ता था।












Click it and Unblock the Notifications