तीन साल की मासूम का अपहरण के बाद हत्या के आरोप में 16 साल का लड़का गिरफ्तार
महज तीन साल की मासूम को एक करोड़ रुपए की फिरौती के लिए 16 साल के लड़के ने किया किडनैप, उतारा मौत के घाट
मुंबई। महज 16 साल की उम्र के दो लड़कों को मुंबई पुलिस ने तीन साल की मासूम की किडनैपिंग के बाद हत्या के आरोप मे गिरफ्तार किया है। इन दोनों के पास से मासूम लाश भी मिली है जोकि कई टुकड़ों में कटी हुई है। जेजे मार्ग की पुलिस ने इन दोनों लड़कों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है।

बिल्डिंग की छत पर प्लास्टिक बैग में रखा शव
मुंबई के डंकन रोड पर कबाड़ का काम करने वाली तरन्नुम फातिमा की बेटी 5 दिसंबर से लापता थी। मासूम बच्ची का अपहरण फातिमा के घर के सामने रहने वाले लड़ों ने किया था, जिसमें से मुख्य आरोप ने बच्ची का फोन के चार्जर के तार से गला दबाकर हत्या की गई थी। मासूम का शव घर बिल्डिंग की छत पर टंकी के पास एक प्लास्टिक बैग में रखा था। इस हत्या की सूचना शनिवार को उस वक्त पता चली जब पुलिस इसकी खोजबीन करने पहुंची, मासूम का अपहरण एक करोड़ रुपए की फिरौती के लिए किया गया था।
अपहरण के पहले दिन ही कर दिया हत्या
पूछताछ के दौरान एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने बच्ची की हत्या उसी दिन कर दी थी जिस दिन उसका अपहरण किया था। उसने कहा कि मुझे ऐसा लगा कि बच्ची के पिता मुमताज खान के पास बहुत पैसा है,क्योंकि वह हमेशा कार में घूमता है। उसने बताया कि शुरुआत में उसने बच्ची को क्लोरोफॉर्म देकर बेहोश रखने की कोशिश की, लेकिन उसके बाद बच्ची की नाक से खून आने लगा, जिसकी वजह से बच्ची को मौत के घाट उतार दिया। जोनल डीसीपी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि लड़की के गुमशुदा होने के बाद हमने हर तरह से मामले की जांच शुरु की, 19 दिसंबर को मुमताज को फिरौती के लिए फोन आने लगे थे, उसे अलग-अलग जगहों से फोन आ रहे थे, अपहरणकर्ता ने उन्हें 24 फोन किए, जिन नंबर से फोन किया गया उसमें फर्जी पतों का इस्तेमाल किया गया था। इस मामले की जांच के लिए हेमंत बौधांकर और धीरज भालेराव की टीम को बनाया गया था।
एक करोड़ की मांगी थी फिरौती
पुलिस ने मुमताज से अपरणकर्ताओं से फिरौती की रकम को लेकर कम करने को बात करने को कहा जिससे की वह कॉलर को पकड़ सके। 23 दिसंबर को अपहरणकर्ता ने उनसे सीएसटी से ट्रेन पकड़कर कोलवा टनल पहुंचने के लिए कहा। उन्होंने मुमताज से इस टनल में पैसे का बैग फेंकने को कहा लेकिन उन्होंने कहा कि वह इससे पहले अपनी बेटी को देखना चाहते हैं। इसी वक्त पुलिस दोनों अपरहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए निकली जहां वह पैसा लेने आने वाले थे। हमने दोनों का पीछा किया लेकिन वह भागने में सफल हुए, जिसके बाद परिवार को फोन आने बंद हो गए। लेकिन इस दौरान जो लड़का पुलिस की मामले की जांच में मदद कर रहा था उसपर पुलिस को शक हुआ, जिससे पूछताछ के बाद उसने मामले की पोल खोली और बताया को लड़की को उसने पहले ही दिन मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने बताया कि जब बच्ची इस लड़के घर में खेलने आई तो इसने उसे क्लोरोफॉर्म सुंघा दिया और वह बेहोश हो गई।
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