पल में दुश्मन को खाक में मिलाएगी देश में तैयार वॉरशिप आईएनएस कोच्चि
मुंबई। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर बुधवार को एक समारोह में देश में तैयार वॉरशिप आईएनएस कोच्चि को इंडियन नेवी के हवाले करेंगे। यह वॉरशिप मुंबई के नेवी डॉकयार्ड में तैयार हुई है और इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आईएनएस कोच्चि को नेवी में शामिल होना नौसेना को पहले से ज्यादा ताकतवर बनाना है। यह वॉरशिप देश की तकनीक की भी एक उम्दा मिसाल है।

क्या है इसका उद्घोष
आईएनएस कोच्चि का उद्घोष संस्कृत में इस पर लिखा है 'अही शत्रु महाबाहो,' यानी 'दुश्मन का विनाश,' करने को तैयार। आईएनएस कोच्चि को देखकर इस उद्घोष की वास्तविकता भी पत लग जाती है। आईएनएस कोच्चि आधुनिक हथियारों से लैस है। यह देश में तैयार अब तक की सबसे लंबी और सबसे बड़ी वॉरशिप है।
क्या हैं इसकी 15 खूबियां
- आईएनएस कोच्चि सभी आधुनिकतम हथियारों और सेंसरों से लैस है।
- वॉरशिप में डेप्लॉयड खतरनाक हथियारों में आसमान में मार करने वाली मिसाइलें भी शामिल हैं।
- वॉरशिप की ये मिसाइलें समंदर और जमीन तक लंबी दूरी पर मार कर सकती हैं।
- आईएनएस कोच्चि जमीन से हवा में मार कर सकने वाली मल्टी फंक्शन रडार सिस्टम और सर्विलांस सिस्टम से लैस है।
- जमीन और हवा से किए गए किसी भी हमले का इस पर कोई प्रभाव न हो इसके लिए खास इंतजाम हैं।
- वॉरशिप पर सी-किंग 42बी और चेतक जैसे हेलीकॉप्टर डेप्लॉयड हो सकते हैं।
- इसकी कैपेसिटी 7500 टन विस्थापन क्षमता है, 164 मीटर लंबा और बीम पर 17 मीटर चौड़ाई है।
- आईएनएस कोच्चि को मिसाइल डेस्ट्रॉयर कैटेगरी का वॉरशिप माना जाता है।
- यह कोलकाता कैटेगरी का यह दूसरा देश में बना वॉरशिप है।
- इसका निर्माण भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए किया गया है।
- इसे बनाने में 4,000 करोड़ रुपए की लागत आई है।
- इसका क्रू 40 ऑफिसर और 350 सेलर्स की क्षमता वाला है।
- इसके हथियारों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सबसे खास है।
- इसकी रफ्तार 30 नॉट्स है।
- इसका निर्माण 25 अक्टूबर 2005 में शुरू हुआ था।












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