जम्मू कश्मीर में हिमस्खलन की तीन घटनाओं में 6 सैनिकों समेत 12 लोगों की मौत
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के अधिकतर इलाके इन दिनों भंयकर ठंड और बर्फबारी की चपेट में हैं। जिसके चलते राज्य का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 48 घंटे में सेना की अलग-अलग चौकियों के आसपास 32 बार हिमस्खलन हो चुका है। मंगलवार सुबह मछिल सेक्टर में हुए हिम स्खलन में 6 जवान शहीद हो गए हैं। तीन घटनाओं में सोमवार की रात से 6 सैनिकों समेत 12 लोगों की मौत हो गई। पुलिस और रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी।

मंगलवार को एलओसी पर कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर के रिंगबाला इलाके में 45 राष्ट्रीय राइफल्स की पेट्रोलिंग पार्टी बर्फीले तूफान में फंस गई। पेट्रोलिंग पार्टी में शामिल सभी पांच जवान बर्फ में दब गए। सूचना मिलते ही अभियान चलाकर चार जवानों को बर्फ से निकाला गया लेकिन चारों जवान शहीद हो गए। एक जवान अब भी लापता है। इसे खोजने के लिए हेलीकॉप्टर के साथ ही खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। इसी बीच दोपहर बाद कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आए हिमस्खलन बीएसएफ 77 बटालियन के सात जवान लापता हो गए। बचाव कार्य शुरू कर छह को सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन एक जवान ने दम तोड़ दिया। फिलहाल, सेना और बीएसएफ ने शहीद जवानों के नाम नहीं बताए हैं।
पुलिस ने बताया कि गंदेरबल जिले में गगनगीर इलाके के एक गांव में एक अन्य हिमस्खलन हुआ जिसमें पांच नागरिकों की मौत हो गई जबकि चार अन्यों को बचा लिया गया। तीसरी घटना कश्मीर के नौगाम सेक्टर में सोमवार की रात साढ़े आठ बजे हुई जिसमें एलओसी पर बीएसएफ की चौकी पर हिमस्खलन हुआ। इस घटना में बीएसएफ के एक जवान की मौत हो गई और छह अन्य को बचा लिया गया।
वहीं गुरेज के कंजलवान सैक्टर में हिमस्खलन से ठीक पहले वहां मौजूद 200 से ज़्यादा जवानों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया, जिसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। तंगधार सैक्टर में हिम्सखलन की चपेट में सेना के 7 जवान आ गए, जिन्हें एवलान्च रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बचा लिया गया। पिछले 48 घंटे में गुरेज़, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, नौगांव और बारामूला के ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी बर्फबारी हुई है। सियाचिन में न्यूनतम तापमान शून्य से 57 डिग्री नीचे चला गया है।












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