11 बार विधायक रहे गणपतराव देशमुख ने आखिरकार राजनीति से लिया संन्यास

नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे अधिक समय तक विधानसभा सदस्य रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले गणपतराव देशमुख ने आखिरकारराजनीति से सन्यास की घोषणा कर दी है। गणपत राव ने 56 साल के लंबे राजनीतिक कैरियर के बाद आज सन्यास की घोषणा कर दी है। वह 11 बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीतने वाले नेता रहे हैं, सबसे पहले वह 1962 में चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे। वह मार्कसिस्ट पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी की ओर से सोलापुर जिले के संगोला से 11 बार विधायक रह चुके हैं।

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देशमुख् ने कहा कि समय आ गया है कि मैं अब आराम करूं क्योंकि आंखों की नजर काफी कमजोर हो गई है, जिसकी वजह से मैं पढ़-लिख नहीं पाता हूं। महाराष्ट्र विधानसभा में पीडब्ल्यूपी के कुल तीन विधायक हैं जिसमे से एक गणपतराव देशमुख हैं। देश में वह दूसरे ऐसे नेता हैं जो सबसे अधिक समय तक विधानसभा सदस्य रहे हैं। उनसे अधिक बार डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एम करुणानिधि 13 बार विधायक रह चुके हैं। वह 61 वर्ष तक विधानसभा सदस्य रहे हैं। वह लगातार चुनाव जीतते रहे। हालांकि देशमुख ने 13 बार चुनाव लड़ा लेककिन 1995 और 1972 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

वर्ष 1995 में देशमुख महज 192 वोटों के अंतर से हार गए थे। जबकि 2014 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के शाहजी बापू पाटिल को 25000 वोटों के अंतर से हराया था। अपने कैरियर में अधिकतर समय तक देशमुख विपक्ष में रहे हैं। वह पहली बार शरद पवार की सरकार में 1978 में मंत्री बने थे। जबकि 1999 में दूसरी बार वह कांग्रेस-एनसीपी की गठबंधन की सरकार में मंत्री रहे थे। देशमुख ने कहा कि मैं अधिकतर समय तक विपक्ष में रहा इस वजह से अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य के लिए मुझे काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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