सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में अब तक कुल बजट का 10 फीसदी हुआ खर्च, 10 हजार लोगों को मिला काम
नई दिल्ली, 09 दिसंबर: नए संसद भवन और सेंट्रल विस्टा और पुनर्विकास योजना के तहत चार विशिष्ट परियोजनाओं पर अब तक कुल बजट का लगभग 10% यानि 554.19 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। इन चारों परियोजनाओं के लिए 5,477 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह जानकारी केंद्र ने गुरुवार को दी। केंद्र ने बताया कि इस साल दिसंबर तक 608 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।

सरकार ने एक लिखित उत्तर में कहा, "सेंट्रल विस्टा का काम देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देंगे और हमें आत्मानिर्भर भारत के हमारे संकल्प को साकार करने में मदद करेंगे। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू पर खर्च की जाने वाली अनुमानित राशि का केवल एक-तिहाई, चार परियोजनाओं में से एक पर खर्च किया गया है। जिसकी इस महीने के अंत की समय सीमा है। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास पर 608 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जिसमें से अब तक 191 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
लोकसभा में बताया कि केंद्रीय विस्टा विकास और पुनर्विकास मास्टर प्लान के तहत, चार परियोजनाएं अर्थात् नए संसद भवन का निर्माण, केंद्रीय विस्टा एवेन्यू का पुनर्विकास, सामान्य केंद्रीय सचिवालय भवन का निर्माण 1,2 व 3 तथा उपराष्ट्रपति आवास का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नए संसद भवन के लिए 971 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है, जिसमें से अब तक 340.58 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस विशेष परियोजना की समय सीमा अक्टूबर 2022 है।
मंत्री किशोर ने बताया कि आम केंद्रीय सचिवालय भवन 1,2 और 3 की अनुमानित लागत 3,690 करोड़ रुपये है। इस विशेष परियोजना की समय सीमा नवंबर 2023 है। वहीं उपराष्ट्रपति आवास की अनुमानित लागत 208,48 करोड़ रुपये है और इसमें से 15 करोड़ रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं। नवंबर 2022 तक उपराष्ट्रपति आवास का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने पिछले हफ्ते संसद को बताया था कि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू पर काम केवल 60% पूरा हो चुका है। लेकिन सूत्रों ने कहा था कि सरकार को भरोसा था कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड से पहले काम पूरा हो जाएगा।
सरकार से पूछा गया था कि क्या देश के ग्रामीण हिस्सों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के लिए इस बड़ी राशि का उपयोग करने की तत्काल आवश्यकता है। इस पर सरकार ने बताया कि, सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास की कल्पना भारत में कोविड -19 महामारी के फैलने से कई महीने पहले सितंबर 2019 में की गई थी। सेंट्रल विस्टा में चल रहे कार्यों ने 10,000 से अधिक कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रमिकों को साइट और ऑफ-साइट पर प्रत्यक्ष आजीविका के अवसर प्रदान किए हैं और 24.12 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार उत्पन्न किए हैं।
इसके अलावा, सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री के निर्माण और परिवहन में पर्याप्त रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विस्टा के विकास और पुनर्विकास का यह कार्य देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देगा और आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारे संकल्प को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमपीलैंड्स योजना के साथ केंद्रीय विस्टा विकास और पुनर्विकास के कार्यों के बीच कोई संबंध नहीं है।












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