ड्रैगन के मंसूबे आसमान में नेस्तनाबूद करेगा Rafale, हाशिमारा में बनेगी दूसरी स्क्वाड्रन, पहुंच रहे 10 नए विमान
नई दिल्ली। आसमान में चीन की हर चाल पर नजर रखने और उसे आसमान में ही उसके मंसूबों को नेस्तनाबूद करने के लिए भारत जल्द ही उत्तरी बंगाल के हाशिमारा में राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन तैनात करने जा रहा है। इसके लिए अगले महीने सर्वशक्तिशाली 10 नए राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले हैं।
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भारत के बेड़े में हो जाएंगे 21 राफेल
10 नए विमानों के आने से भारत के पास राफेल विमानों की संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी। पिछले साल 28 जुलाई को राफेल विमान का पहला बेड़ा पहुंचने के बाद अब तक 11 विमान वायु सेना का हिस्सा बन चुके हैं और अम्बाला बेस स्थित 17 स्क्वाड्रन में शामिल होकर उड़ान भर रहे हैं।
आधुनिकतम तकनीक से लैस इन शक्तिशाली विमानों की चीन बॉर्डर पर नजर रखने के लिए बहुत जरूरत है यही वजह है कि अगले महीने पहुंचने वाले इन विमानों की स्कॉड्रन को उत्तरी बंगाल स्थित हाशिमारा बेस पर तैनात किया जाएगा। यहां से राफेल विमान सिक्किम, अरुणाचल समेत उत्तरी-पूर्वी सीमा पर चीन से सटे भारत के हवाई क्षेत्र पर नजर रखेंगे।
उच्च आधिकारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया है कि "अगले दो से तीन दिनों में 3 राफेल विमान फ्रांस से सीधे उड़ान भरकर भारत पहुंचेंगे। इस दौरान रास्ते में यूएई में ये विमान हवा में ही ईंधन भरेंगे। इसके बाद अप्रैल के दूसरे हिस्से में 7 से 8 राफेल विमान और इसका एक ट्रेनर वर्जन पहुंचेगा। वायु सेना में शामिल होने के बाद ये विमान भारत की हवाई क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगे।"

हाशिमारा बेस पर किए जाएंगे तैनात
राफेल लड़ाकू विमानों का पहला बेड़ा पिछले साल 28 जुलाई को अम्बाला एयर बेस पर उतरा था। वायु सेना का हिस्सा बनने के बाद जल्द से जल्द इन विमानों को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया था। चीन से तनाव के बीच राफेल ने पूर्वी लद्दाख और चीन से लगे दूसरे मोर्चों पर पेट्रोलिंग कर अपनी ताकत का अहसास भी कराया था।
फ्रांस से पहुंचने वाले नए राफेल विमान अम्बाला एयरबेस पर उतरेंगे। शुरुआत में इन्हें अम्बाला में ही रखा जाएगा। कुछ समय बाद लड़ाकू विमानों को हाशिमारा बेस राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन में शामिल होने के लिए भेजा जाएगा जहां पर इसके गठन की तैयारी तैयारी शुरू हो चुकी है।
भारत ने फ्रांस की दसॉ एविएशन के साथ 2016 में 36 राफेल विमानों को खरीदने के लिए 59,000 करोड़ का सौदा किया था। अप्रैल में 10 विमानों के पहुंचने के साथ ही 50 फीसदी से अधिक विमान भारत पहुंच चुके होंगे।

गेमचेंजर साबित होगा राफेल
भारत ने अपने हवाई आक्रमण को धार देने के लिए एक लंबी योजना बनाई है जिसके तहत 114 मल्टीरोल फाइटर वायु सेना में शामिल करने के लिए सौदा करने जा रहा है। इसके साथ ही देश में ही विकसित मध्यम लड़ाकू स्टेल्थ फाइटर को भी अगले 15-20 वर्षों में वायु सेना में शामिल करने की योजना है।
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि राफेल के वायुसेना का हिस्सा बनने से भारत ने पड़ोसियों से बढ़त हासिल कर ली है। दो इंजन वाला राफेल फाइटर लॉन्ग रेंज मेटेयर मिसाइल, हैमर स्मार्ट म्यूनिशन और स्काल्प क्रूज मिसाइन जैसी आधुनिकतम हथियार प्रणाली से लैस है। रक्षा विशेषज्ञों ने इसकी दृश्य से परे जाकर लक्ष्य को भेदने वाली एयर टू एयर मिसाइल क्षमता हासिल है। यह 100 किमी तक अपने लक्ष्य को बिना नजर आए भी भेद सकती है।
राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गेमचेंजर बताया था।












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