भारत ने पेप्सी को का आलू का पेटेंट रद्द किया, किसानों ने बताया बड़ी जीत

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नई दिल्ली, 06 दिसंबर। भारत में पेप्सीको इंक के खूब बिकने वाले आलू के चिप्स लेज का पेटेंट रद्द कर दिया है. पौधों की किस्मों और किसानों के अधिकारों के लिए स्थापित संस्था (PPVFR) ने लेज के आलू चिप्स का पेटेंट रद्द करने का आदेश जारी किया.

2019 में पेप्सी ने गुजरात के कुछ किसानों पर इसलिए मुकदमा कर दिया था क्योंकि वे एफसी5 आलू उगा रहे थे. ये विशेष किस्म के आलू कम नमी के लिए जाने जाते हैं और चिप्स बनाने के लिए उत्तम माने जाते हैं. पेप्सी का कहना था कि आलू की इस किस्म पर उसका अधिकार है और अन्य किसान बिना उसकी इजाजत के इसे नहीं उगा सकते.

किसानों पर मुकदमा

पेप्सी की किसानों पर इस कार्रवाई का तीखा विरोध हुआ था जिसके बाद अमेरिकी कंपनी ने अपना मुकदमा वापस ले लिया था. किसानों ने इस मुकदमे को लड़ने की तैयारी कर ली थी. चार किसानों की तरफ से एक वकील ने पेप्सी के खिलाफ मुकदमा शुरू कर दिया था. लेकिन पूरे भारत के किसानों द्वारा विरोध के बाद कंपनी ने कहा था कि सद्भावपूर्ण तरीके से मामला हल कर लिया गया.

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तभी किसानों के अधिकारों के लिए काम करने वालीं कविता कुरुगांती ने पीपीवीएफआई अथॉरिटी में एक याचिका दर्ज कर अनुरोध किया कि एफसी5 आलू पर कंपनी का एकाधिकार रद्द किया जाए. उनका तर्क था कि भारत के नियम बीजों की किस्मों पर पेटेंट का अधिकार नहीं देते.

पीपीवीएफआर ने कुरुगांती की इस दलील को स्वीकार किया है कि पेप्सी बीज की एक किस्म पर दावा नहीं कर सकती. अथॉरिटी के अध्यक्ष केवी प्रभु ने कहा, "तुरंत प्रभाव से पंजीकरण रद्द किया जाता है."

किसान बोले, बड़ी जीत

इस बारे में पेप्सी ने कहा कि उसे इस आदेश की जानकारी है. एक प्रवक्ता ने कहा, "हमें जानकारी है कि पीपीवीएफआर अथॉरिटी ने ऐसा आदेश पारित किया है और उसकी समीक्षा कर रहे हैं." हालांकि कंपनी का कहना है कि एफसी5 किस्म को उसने ईजाद किया था और 2016 में उसे पंजीकृत कराया था.

पेप्सी ने 1989 में भारत में आलू के चिप्स का पहला प्लांट लगाया था. लेज चिप्स बनाने के लिए कंपनी एफसी5 आलू का इस्तेमाल करती है. ये आलू कंपनी कुछ विशेष किसानों से ही खरीदती है. कंपनी ही किसानों को खेती के लिए बीज उपलब्ध करवाती है और बदले में उनसे एक निश्चित कीमत पर आलू खरीदती है.

अथॉरिटी के फैसले पर किसानों ने खुशी जताई है. जिन किसानों पर पेप्सी ने 2019 में मुकदमा किया था, उनमें से एक बिपिन पटेल ने कहा, "यह आदेश भारत के किसानों की बड़ी जीत है, और उनके खेती करने के अधिकार को एक बार फिर पुष्ट करती है."

वीके/एए (रॉयटर्स)

Source: DW

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