दलाईलामा ने अटल जी के निधन पर जताया शोक, कहा-मैने खो दिया अपना मित्र
शिमला। भारत रत्न और देश के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेसी के निधन पर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने गहर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमेश तिब्बत के लोगों को समर्थन किया है। धर्मशाला में विभिन्न तिब्बती संगठनों व निर्वासित सरकार के कार्यालयों में अटल जी के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई।

तिब्बतीयों के धर्मगुरु दलाईलामा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर उनकी दत्तक पुत्री नमित्ता भट्टाचार्य को एक शोक संदेश भेजा है। शोक संदेश में उन्होंने अटल जी के साथ बिताये पलों को याद किया है। उन्होंने 3 जुलाई 2001 को अटल जी से नई दिल्ली में अपनी मुलाकात की तस्वीर को साझा करते हुए कहा कि यह मेरे लिए गौरव के क्षण थे, जब वाजपेयी ने हमारी ओर सहानूभूति भरा हाथ बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि अटल जी व्यक्तिगत तौर पर मेरे परम मित्र थे। दलाईलामा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से भारत ने अपना प्रमुख राष्ट्रीय नेता खोया है। उन्होंने कहा कि आम तिब्बती अटल जी की ओर से तिब्बती अंदोलन को 1950 में दिए गए सहयोग व समर्थन को कभी नहीं भुला पायेंगे। सदन के अंदर हो या बाहर उनके माध्यम से तिब्बत की आवाज हमेशा बुलंद रही।
उधर, तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री लोबसांग सांग्ये ने अटल जी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि तिब्बतीयों ने अपना सच्चा हितैषी व मित्र खो दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के पहले नेता वाजपेयी ही थे, जिन्होंने तिब्बतीयों पर हो रहे चीनी अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी जिससे हमारे अंदोलन को नई दिशा मिली।












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