HPU में छात्र गुटों के बीच चले पत्थर और तलवार, कई लहूलुहान

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में इस समय एबीवीपी और एसएफआई के छात्र गुटों के बीच भारी बवाल चल रहा है। हॉस्टल में भी दोनों गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई।

शिमला। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों की आपसी मारपीट में हुई पत्थरबाजी व तलवारबाजी से कई छात्र लहूलुहान हुये हैं। हिंसक झड़प और तोड़फोड़ के बाद छात्र हॉस्टल खंडहर में तब्दील हो गये हैं। पिछले तीन दिनों से चली आ रही छात्र संगठनों की लड़ाई थमती नजर नहीं आ रही जिससे पुलिस भी बेबस नजर आ रही है। बढ़ते तनाव को देखते हुये कैंपस में कड़ी सुरक्षा के बीच कुछ छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में बवाल

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में बवाल

इन दिनों हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में छात्र गुटों की तकरार थमती नजर नहीं आ रही। तनावपूर्ण महौल मे पुलिस ने कैंपस में डेरा डाल दिया है। शिमला के एसपी डी डब्ल्यू एस नेगी ने हालात का जायजा लिया है। छात्र गुटों के संघर्ष में अब वाइस चांसलर एडीएन वाजपेयी भी निशाने पर आ गये हैं।

हॉस्टल में छात्रों गुटों के बीच हिंसक झड़प

हॉस्टल में छात्रों गुटों के बीच हिंसक झड़प

समरहिल चौक से लेकर मुख्य गेट तक एसएफआई के कार्यकर्ता हिंसा के विरोध में नारेबाजी करते नजर आए। एसएफआई ने कुलपति कार्यालय तक रैली निकाली। संगठन ने घटना के लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराया। संलिप्त पाए गए छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के टैगोर छात्रावास में शुक्रवार रात को छात्र गुटों के बीच हुई हिंसा को विवि प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

हॉस्टल में की भारी तोड़फोड़

हॉस्टल में की भारी तोड़फोड़

मिली जानकारी के मुताबिक छात्र संगठनों की आपसी तनातनी में छात्रावास के शीशे तोड़ डाले गये हैं, डायनिंग हॉल की कुर्सियों और बाथरूम को भी तोड़ा गया है। कमरों में घुसकर छात्रों के मोबाइल और लैपटॉप आदि को भी नुकसान पहुंचाया है। कई खिड़कियों के शीशे तोड़े गए। एक बाइक को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। जिससे हास्टल खंडहर में तब्दील हो गये हैं।

छात्रों से कराई जाएगी नुकसान की भरपाई

छात्रों से कराई जाएगी नुकसान की भरपाई

इस बीच विवि में आपात बैठक कर बड़ा निर्णय लिया गया है। फैसला लिया गया कि इस घटना में छात्रावास के शीशे, डाइनिंग हॉल, टायलेट की दीवारें और फर्नीचर आदि टूटे हैं। इसके लिए जिम्मेदार छात्रों का पता लगाकर प्रशासन उनसे नुकसान की भरपाई करवाएगा। छात्रों के अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा।

एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच झगड़ा

एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच झगड़ा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की विवि इकाई ने विवि छात्रावास में हुई हिंसा की घटना के लिए एसएफआई का जिम्मेदार ठहराया है। एबीवीपी की प्रांत मंत्री हेमा ठाकुर ने कहा कि एसएफआई के कुछ कार्यकर्ताओं ने नशे में धुत होकर समरहिल चौक पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ गाली गलौज किया। फिर देर शाम को एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने हथियारों के साथ छात्रावास में हमला बोल दिया। पुलिस की तैनाती के बावजूद विवि में छात्र गुटों के बीच झड़प और मारपीट की घटना हुई। समरहिल चौक पर कार्यकर्ताओं ने पथराव किया और उसके बाद रेलवे स्टेशन के पास एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में मारपीट हुई। घटना के समय क्यूआरटी, पुलिस बल छात्रावासों की ओर जा रहे थे, जिसका लाभ उठाकर कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू किया।

कुलपति के खिलाफ छात्रों का हल्ला बोल

कुलपति के खिलाफ छात्रों का हल्ला बोल

एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष नोवल ठाकुर ने आरोप लगाया है कि विवि के वीसी प्रो एडीएन बाजपेयी के इशारे पर एबीवीपी ने यह हमला किया है। नोवल का कहना है कि उन्होंने वीसी का पुतला जलाया था और उससे बौखलाकर वीसी ने एबीवीपी का इस्तेमाल कर उन पर हमला करवाया है। उन्होंने कहा कि एसएफआई ने वीसी हटाओ-विवि बचाओ अभियान छेड़ रखा है और उनका यह अभियान जारी रहेगा। उनकी मांग है कि विवि के वीसी को किसी भी सूरत में सेवाविस्तार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि टैगौर छात्रावास में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने डाइनिंग हाल पर कब्जा कर लिया था और जैसे ही उनके कार्यकर्ता खाना खाने वहां गए, उन पर हमला कर दिया गया। इस कारण कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

बवाल के लिए वीसी को ठहराया जिम्मेदार

बवाल के लिए वीसी को ठहराया जिम्मेदार

उधर, एबीवीपी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अंकित जम्वाल ने कहा कि एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं को उकसाया । उनका आरोप है कि एसएफआई हमेशा उनके कार्यकर्ताओं को उकसाती है और अब वीसी के मामले पर उन्हें लपेटने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि एसएफआई का यह आरोप निराधार है कि वीसी के कहने पर ही यह सब हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन भी वीसी के खिलाफ है और उनकी भी यह मांग है कि प्रो एडीएन बाजपेयी को और सेवा विस्तार नहीं मिलना चाहिए और यहां पर नए वीसी की तैनाती होनी चाहिए।

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