Kangana Ranaut electricity Bill: हिमाचल बिजली बोर्ड ने बताया ‘भ्रामक’, पेश किया पूरा हिसाब
Kangana Ranaut Electricity bill: हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) द्वारा मनाली स्थित अपने घर पर मिले बिजली बिल को लेकर दिए गए बयान पर अब हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने स्पष्ट जवाब दिया है।
बोर्ड का कहना है कि कंगना रनौत की ओर से पेश किया गया आंकड़ा 'भ्रामक' है और उनके घर की बिजली खपत एक आम उपभोक्ता की तुलना में कई गुना अधिक है।

जानिए क्या है कंगना से जुड़ा पूरा मामला?
दरअसल, कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने हाल ही में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें मनाली के घर का लगभग ₹1 लाख का बिजली बिल मिला है, जबकि वह वहां रहती तक नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद HPSEBL ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बिल में ना केवल मौजूदा खपत बल्कि बकाया और विलंब शुल्क भी शामिल हैं।
हिमाचल बिजली बोर्ड का पक्ष
बिजली बोर्ड के एमडी संदीप कुमार ने बताया कि कंगना के नाम पर सिमसा गांव, मनाली में उपभोक्ता संख्या 100000838073 से बिजली कनेक्शन पंजीकृत है। मार्च में जारी किया गया ₹90,384 का बिल दो महीने की खपत को दर्शाता है, जिसमें पहले से लंबित ₹32,287 की बकाया राशि भी शामिल है।
संदीप कुमार, एमडी, HPSEBL ने कहा कि यह कहना गलत है कि पूरा बिल केवल एक महीने का है। उन्होंने बताया कि कंगना के घर का कनेक्टेड लोड 94.82 किलोवॉट है, जो औसत घरेलू लोड से 1500% अधिक है। दिसंबर 2024 में खपत 6,000 यूनिट थी और फरवरी 2025 में बढ़कर 9,000 यूनिट तक पहुंच गई।
देरी से भुगतान बना कारण
HPSEBL के अनुसार, कंगना रनौत ने बिल भुगतान में लगातार देरी की है। अक्टूबर-दिसंबर 2024 की खपत पर बना ₹82,061 का बिल उन्होंने 16 जनवरी 2025 को चुकाया, जबकि जनवरी-फरवरी का बकाया 28 मार्च 2025 को जमा किया गया। बिजली बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि कंगना को 700 रुपए की सब्सिडी दी गई है, जो दर्शाता है कि वह सरकारी छूट का लाभ ले रही हैं।
हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कंगना के आरोपों को "मीडिया का ध्यान आकर्षित करने वाला बयान" बताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो उसे बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कर हल किया जाना चाहिए। नरेश चौहान ने कहा कि, "बिना तथ्यों के सरकार को 'लुटेरा' कहना रचनात्मक राजनीति के अनुरूप नहीं है।"
कंगना ने सरकार पर किए कई तीखे हमले
कंगना ने अपने भाषण में राज्य की तुलना "भेड़ियों के चंगुल" में फंसे प्रदेश से की और कांग्रेस सरकार पर "समोसा जांच" जैसे मुद्दों पर समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की तारीफ करते हुए राज्य में बदलाव की अपील की।












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