Himachal Pradesh में नहीं थम रहा बारिश का कहर, दरेड नाले में आई बाढ़ के कारण बंद हुआ तिन्दी-किलाड़ हाईवे
himachal pradesh weather news: हिमाचल प्रदेश में बारिश कहर बनकर तांडव मचा रही है। भारी बारिश की वजह से प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ गया और जगह-जगह बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के जिलों से भूस्खलन की खबर भी सामने आ रही है। मंगलवार 27 जून को बाढ़ आने के कारण तिन्दी-किलाड़ हाईवे-26 बंद हो गया।
हिमाचल प्रदेश के एसडीआरएफ ने ट्वीट करते हुए बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लाहौल-स्पीति से प्राप्त सूचना के अनुसार, भारी बारिश के कारण लाहौल-स्पीति के दरेड नाले में अचानक आईं बाढ़ (flash flood) के कारण तिन्दी-किलाड़ हाईवे-26 (Tandi-Killar State Highway-26) बंद हो गया।

वहीं, प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण 300 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। तो वहीं, मंडी जिले में भूस्खलन के चलते बंद हुआ मंडी मनाली रोड को वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया है। इंस्पेक्टर सकीनी कपूर ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को जानकारी देते हुए बताया कि,
20 घंटे की मेहनत के बाद हम एक साइड से रास्ता खोलने में सफल हो पाए हैं। कुछ देर में दूसरी तरफ से वाहनों के लिए रास्ता शुरू कर दिया जाएगा। लोगों से अपील है कि थोड़ा धैर्य रखें।
बता दें कि भारतीय मौसम विभाग ने 27 जून के लिए भी प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 28, 29 व 30 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। तो वहीं, सोमवार 26 जून को ऑरेंज अलर्ट के बीच राजधानी शिमला व अन्य भागों में बादल झमाझम बरसे। प्रदेश में भारी बारिश से 300 से अधिक सड़कें ठप हो गई हैं। बिजली के 140 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
मानसून की दस्तक के तीन दिन के भीतर कई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश का मौसम 2 जुलाई तक खराब बना रहने के आसार हैं। इस दौरान ट्रैफिक टूरिस्ट व रेलवे पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। इस बीच लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हम किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि हमने बंद सड़कों को बहाल करने के लिए 390 मशीनरी भी तैनात की हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी सड़कें बहाल हो जाएं। फिलहाल राज्य में 301 सड़कें बंद हैं। इस बारिश से 27 करोड़ रुपये का राज्य में नुकसान हुआ है। सड़कों की बहाली का काम चल रहा है, 27 जून की शाम तक 195 सड़कें खोली जाएंगी। अगले दो दिनों के दौरान 106 और सड़कें साफ की जाएंगी।
बताया कि हमने लगभग 350 भूस्खलन-संवेदनशील स्थानों की भी पहचान की है और निवारक प्रमुखों को प्रदर्शित किया जा रहा है, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग वहां न जाएं। कल हमारे एक कार्यकर्ता की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान लोक निर्माण विभाग मंत्री ने कहा कि जीर्णोद्धार कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। राज्य सरकार ने राज्य में 350 से अधिक संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान की है जो भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
पिछले 48 घंटों से पूरे राज्य में बारिश हो रही है। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश मंडी जिले में हुई है। सिरमौर और शिमला में भी बारिश हुई है। जहां तक बारिश की तीव्रता का सवाल है, राज्य में सरकाघाट में 134 एमएम, बलद्वाड़ा में 92 एमएम और सुंदरनगर में भी बारिश हुई। यह बारिश जारी रहेगी और सिरमौर, सोलन और शिमला में बारिश हो रही है और यह हमीरपुर और कांगड़ा की ओर बढ़ रही है।
लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, अगले 4 से 5 दिनों के दौरान राज्य में बारिश जारी रहेगी। बताया कि हमने आज और कल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हमने फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का अलर्ट भी जारी किया है। हमने सिरमौर, सोलन, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा के लिए फ्लैश फ्लड अलर्ट जारी किया है।
अचानक बाढ़ आने की प्रबल संभावना है, और हम राज्य सरकार को समय-समय पर अलर्ट जारी कर रहे हैं। हम राज्य में दृश्यता की स्थिति का अलर्ट भी जारी कर रहे हैं। हमने सिरमौर, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर के लिए भी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऊना, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जिले के कुछ हिस्सों में आज और कल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।












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