Himachal Weather: हिमाचल में भारी बारिश ने मचाया 'तांडव', मंडी में 19 तो शिमला में 16 की मौत
Himachal Weather News: मूसलाधार बारिश, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं की वजह हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही मची हुई है। पिछले 24 घंटे के दौरान हिमाचल में 52 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। जबकि, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका हैं। मौसम का सबसे ज्यादा कहर मंडी जिले में देखने को मिला।
यहां भारी बारिश, बाढ़ और बादल फटने से सोमवार 14 अगस्त को 19 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 8 लोग अभी भी लापत है। वहीं, शिमला में 16, सोलन में 10, सिरमौर में 4, चंबा, हमीरपुर व कांगड़ा में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस बीच समाचार एजेंसी एएनआई ने व्यास नदी का वीडियो शेयर कर किया है।

वीडियो में व्यास नदी अपने उफान पर नजर आ रही है। वीडियो पोस्ट करते हुए एएनआई ने लिखा, 'हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल छाए हुए हैं, बारिश जारी है। व्यास नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है।' इस बीच मौसम विभाग शिमला ने आज यानी 15 अगसत को येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग शिमला का कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में 20 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए स्थानीय लोगों, पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अमर उजाला की खबर के मुताबिक, मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कुल्लू के लिए ऑरेंज, जबकि किन्नौर व लाहौल-स्पीति में येलो अलर्ट जारी किया है।
बता दें कि मंडी जिले के संगली पंचायत में एक मकान जमींदोज होने से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। जबकि, छह लोगों को एनडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया है। मीडिया खबर के मुताबिक, रेस्क्यू स्थल तक पहुंचने में एनडीआरएफ की टीम को भी कई घंटे लग गए थे।
क्योंकि, मौसम खराब होने के चलते सड़कें और रास्ते बंद हो गए थे। इतना ही नहीं, मौसम भी लगातार खराब हो रहा था, इसलिए रेस्क्यू से लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर पैदल ही पहुंचा पड़ा। बता दें कि मंडी में चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर 8 मील के पास संभल गांव में सुबह बादल फट गया, जिससमें 6 लोग बह गए।
मंडी के मैगल और गुमा इलाके में भूस्खलन के कारण मंडी-पठानकोट राजमार्ग भी यातायात के लिए बंद है। पराशर की सड़क अवरुद्ध है, जहां बागी नाले में एक सड़क पुल बह गया। इतना ही नहीं, मंडी जिले में 300 से ज्यादा सड़के अवरूद्ध हैं, जबकि 1500 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो गए।
सड़कें अवरूद्ध होने से जिले में दूध, सब्जियां, फल और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खन के कारण कई घर ढहने की कगार पर हैं। मंडी के डीसी अरिंदम चौधरी ने कहा कि जिला प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।












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