Himachal Pradesh: शिमला के समर हिल मंदिर से तीन और शव बरामद, सीजन में मरने वालों की संख्या 300 पार
मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के शिमला केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि हमीरपुर और बिलासपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट है।
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश कहर बरपा रही है। जिला शिमला में भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। लगातार बचाव अभियान जारी है। इसी कड़ी में बचावकर्मियों ने गुरुवार को समर हिल में भूस्खलन स्थल से तीन और शव बरामद किए, जिससे घटना में मरने वालों की कुल संख्या 20 हो गई। मृतकों की पहचान नीरज ठाकुर, पवन शर्मा और उनकी पोती समायरा के रूप में हुई है। इस घटना में शर्मा की पत्नी, बेटे, बहू और दो अन्य पोतियों की भी मौत हो गई थी।
वहीं, मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के शिमला केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि हमीरपुर और बिलासपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट है।

जलापूर्ति बहाल करने के दौरान जेई बह गए
इस बीच, जलापूर्ति योजना को बहाल करने की कोशिश के दौरान जल शक्ति विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) कांगड़ा के बनेर नदी में बह गए। लापता की पहचान राजेश चौधरी के रूप में हुई है, जो शाहपुर सर्कल के दौलतपुर अनुभाग में तैनात थे। घटना जलारी पंप हाउस की है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है और चौधरी को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जेई राजेश चौधरी कांगड़ा में नाले की तेज धारा में बह गए। बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं। मंडी में जिला प्रशासन ने वायुसेना की मदद से सुदूर कशोडीधार क्षेत्र में हवाई मार्ग से राशन और दवाइयां पहुंचाईं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि ऑपरेशन शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
पूर्व सीएम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कुकलाह के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में भारी बारिश के कारण हुए भारी नुकसान को ध्यान में रखते हुए, मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया है। आज एक दो मंजिला स्कूल की इमारत ढह गई और लगभग सभी घर असुरक्षित हो गए हैं, क्योंकि उनमें दरारें आ गई हैं। लगभग छह एक ही दिन में लोगों की जान चली गई है। चूंकि इन इलाकों से कोई कनेक्टिविटी नहीं है, इसलिए यहां भोजन की भारी कमी है, मैंने सीएम से इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राशन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
सीजन में मरने वालों की संख्या 367
मानसून के मौसम में हताहतों की संख्या अब बढ़कर 367 हो गई है। इनमें से 242 लोग बारिश से संबंधित घटनाओं में और 125 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए। अकेले अगस्त महीने में कुल 177 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 124 बारिश से संबंधित घटनाएं हैं।
6 जिलों में 2 दिनों के रेड अलर्ट
इस बीच, हिमाचल प्रदेश लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की मार झेल रहा है, जिसके कारण कुल्लू जिले के आनी में इमारतें ढह गईं और गुरुवार को चार राजमार्ग अवरुद्ध हो गए, जबकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी से बहुत बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
हालांकि, मौसम विभाग ने 29 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान लगाया है। लेकिन, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के शिमला केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने कहा कि हमीरपुर और बिलासपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट है।
700 सड़कें अवरुद्ध
भूस्खलन के कारण राज्य भर में लगभग 700 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें कुल्लू-मंडी, मंडी-पठानकोट, कालका-शिमला और ठियोग-हाटकोटी को जोड़ने वाले चार राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, बुधवार की भारी बारिश के बाद कुल्लू-मंडी राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यात्री फंसे रहे।












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