Himachal Pradesh Floods: हिमाचल में कुदरत का कोहराम, भारी बारिश से कई सड़कें बंद, भारी नुकसान
Himachal Pradesh Floods: रविवार से हो रही भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई है, जिसके कारण चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 338 सड़कें बंद हो गई ।
अधिकारियों ने बताया कि ऊना के कई इलाकों में जलभराव हो गया है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में 31 जुलाई को आई बाढ़ के बाद लापता हुए करीब 30 लोगों को खोजने के प्रयास जारी हैं।

हालांकि, कोई खास प्रगति नहीं हुई है। अब तक 28 शव बरामद किए जा चुके हैं। वर्षाजनित घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 27 जून से 9 अगस्त के बीच राज्य को लगभग 842 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
सड़कें बंद होना और बुनियादी ढांचे को नुकसान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि 338 बंद सड़कों में से शिमला में सबसे ज़्यादा 104 सड़कें बंद हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मंडी में 71 सड़कें बंद हैं, सिरमौर में 58, चंबा में 55, कुल्लू में 26, सोलन और लाहौल-स्पीति में सात-सात, किन्नौर में पांच, कांगड़ा में चार और बिलासपुर में एक सड़क बंद है।
इसके अतिरिक्त, सोमवार को बिजली आपूर्ति योजनाओं (488) और जलापूर्ति योजनाओं (116) में व्यवधान देखा गया।
मौसम संबंधी चेतावनियाँ और वर्षा संबंधी डेटा
क्षेत्रीय मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। मंगलवार तक चंबा, किन्नौर, सिरमौर और शिमला जिलों में हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।
रविवार शाम से अब तक नागल डैम में सबसे ज़्यादा 115 मिमी बारिश दर्ज की गई है तो वहीं कसौली में 87 मिमी, ऊना में 56 मिमी, नैना देवी में 82.2 मिमी, ओलिंडा में 79 मिमी, जट्टन बैराज में 75.4 मिमी, नादौन में 72.5 मिमी, पावंटा साहिब में 62 मिमी, सुजानपुर टीरा में 60.6 मिमी और धौलाकुआं में 56.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। चंबा, मंडी, किन्नौर, शिमला, सिरमौर और सोलन सहित कई जिलों में भूस्खलन हुआ है।












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