हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017: सीट नंबर 54 कसौली (आरक्षित अनूसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिये
शिमला। कसौली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सीट नंबर 54 है। सोलन जिले में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2012 में इस क्षेत्र में कुल 57,343 मतदाता थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में डॉ॰ राजीव सैज़ल इस क्षेत्र के विधायक चुने गए। कसौली हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है। समुद्र सतह से लगभग 1800 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस स्थान का वर्णन भारतीय महाकाव्य रामायण में किया गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार संजीवनी पहाड़ी से लौटते समय हिंदू भगवान हनुमान ने इस जगह पर कदम रखा था। इस स्थान का नाम पर्वत की एक धारा के नाम पर पड़ा जो जबली और कसौली के बीच से बहती है और जिसे कौसल्या कहा जाता है। 19 वीं शताब्दी में कसौली गोरखा राज्य का महत्वपूर्ण भाग बन गया। बाद में ब्रिटिश लोगों द्वारा इस जगह को प्रमुख बटालियन शहर में बदल दिया गया।

यह वही स्थान है जहाँ स्थानीय लोगों सहित कई भारतीय ब्रिटिश सेना में शामिल हुए। 1857 में जब भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई या सिपाही विद्रोह प्रारंभ हुआ तब कसौली ने भी भारत के सैनिकों के बीच एक विद्रोह देखा। इन लोगों ने गोरखा लोगों के साथ हाथ मिलाया परंतु बाद में गोरखाओं के विद्रोह से हटने के बाद उन लोगों ने उन्हें छोड़ दिया। इन सैनिकों को ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बेरहमी से दंडित किया गया। वर्तमान में कसौली भारतीय सेना के छावनी शहर के रूपमें जाना जाता है। सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट, कसौली क्लब और लॉरेंस स्कूल कसौली के कुछ प्रसिद्द पर्यटन स्थल है जो विश्व में भी प्रसिद्द हैं।कसौली हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है। समुद्र सतह से लगभग 1800 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस स्थान का वर्णन भारतीय महाकाव्य रामायण में किया गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार संजीवनी पहाड़ी से लौटते समय हिंदू भगवान हनुमान ने इस जगह पर कदम रखा था।

इस स्थान का नाम पर्वत की एक धारा के नाम पर पड़ा जो जबली और कसौली के बीच से बहती है और जिसे कौसल्या कहा जाता है। 19 वीं शताब्दी में कसौली गोरखा राज्य का महत्वपूर्ण भाग बन गया। बाद में ब्रिटिश लोगों द्वारा इस जगह को प्रमुख बटालियन शहर में बदल दिया गया। यह वही स्थान है जहाँ स्थानीय लोगों सहित कई भारतीय ब्रिटिश सेना में शामिल हुए। 1857 में जब भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई या सिपाही विद्रोह प्रारंभ हुआ तब कसौली ने भी भारत के सैनिकों के बीच एक विद्रोह देखा। इन लोगों ने गोरखा लोगों के साथ हाथ मिलाया परंतु बाद में गोरखाओं के विद्रोह से हटने के बाद उन लोगों ने उन्हें छोड़ दिया। इन सैनिकों को ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बेरहमी से दंडित किया गया। वर्तमान में कसौली भारतीय सेना के छावनी शहर के रूप में जाना जाता है। सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट, कसौली क्लब और लॉरेंस स्कूल कसौली के कुछ प्रसिद्द पर्यटन स्थल है जो विश्व में भी प्रसिद्द हैं। राजनैतिक नजरिये से देखा जाये तो इलका अनूसूचित जाति के लिये आरक्षित है। व राजीव सैजल के मुकाबले कोई दूसरा नेता यहां अभी उभर नहीं पाया है।

कसौली से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2012 डॉ॰ राजीव सैज़ल भाजपा
2007 डॉ॰ राजीव सैज़ल भाजपा
2003 रघु राज कांग्रेस
1998 रघु राज कांग्रेस
1993 रघु राज कांग्रेस
1990 सत्य पाल कम्बोज भाजपा
1985 रघु राज कांग्रेस
1982 रघु राज कांग्रेस
1977 चमन लाल जनता पार्टी

डाक्टरी पेशे को छोड़ राजनिति में आये सैजल
पेशे से डाक्टर राजीव सैजल ने 2012 में कांग्रेस के विनोद सुल्तानपुरी से मात्र 24 मतों के अंतर से चुनाव जीता था। राजनिति में आने से पहले वह आर्युवैदिक मेडिकल प्रेक्टिशनर रहे। वह गे्रजूयेट व बीएएमएस हैं। 46 वर्षीय सैजल का एक बेटा र्है। उन्होंने 2012 में दूसरी बार चुनाव जीता।












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