कांग्रेस का अभेद्य किला रही है शिमला की रामपुर सीट, नंद लाल को चुनौती दे रहे BJP के कौल नेगी
कांग्रेस का अभेद्य किला रही है शिमला की रामपुर सीट, नंद लाल को चुनौती दे रहे BJP के कौल नेगी
Himachal Elections 2022: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की रामपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट को भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब तक भेद नहीं पाई है। रामपुर सीट कांग्रेस का अभेद्य किला है, जिसपर भाजपा को अपनी पहली जीत का इंतजार है। इस सीट पर पिछले तीन चुनावों से लगातार नंद लाल यहां से चुनाव जीतते आ रहे हैं और कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर उन्हें ही मैदान में उतारा है। लेकिन, इस बार यहां न तो वीरभद्र सिंह का करिशमा है और न ही नंद लाल का मुकाबला प्रेम सिंह द्रेक से है। बदले राजनीतिक महौल में भाजपा प्रत्याशी कौल नेगी की मौजूदगी चुनावों को रोचक बना रही है।

रामपुर सीट पर भाजपा ने इस बार कौल नेगी को टिकट दिया है। नेगी युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं, जिससे भाजपा को इस बार करिशमें की आस बंधी है। यहां कुल 76852 मतदाता है, जिनमें पुरुष मतदाता 39657 हैं। जबकि महिला मतदाता 37264 हैं। बुशहर राजवंश की देवी भीमाकाली की वजह से रामपुर को पहचान मिली है। सराहन का भीमाकाली मंदिर अपनी अलग पहचान बनाये है। रामपुर रियासत के अंतिम शासक वीरभद्र सिंह थे। यहां वीरभद्र सिंह का अपना प्रभाव रहा है। हालांकि, खुद वीरभद्र सिंह यहां से कभी चुनाव नहीं लडे। चूंकि यह चुनाव क्षेत्र रिजर्व है। इसी वजह से यहां से सिंघी राम लगातार चुनाव जीतते रहे। जब वीरभद्र सिंह ने सिंघी राम के सिर से अपना हाथ हटाया तो नंद लाल का यहां की राजनीति में अभ्युदय हुआ।
गांधी परिवार के करीबी कांग्रेस प्रत्याशी नंदलाल राजनीति शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। राजनीति में आने के बाद तीन चुनाव लड़े तीनों ही जीते। उन्होंने आईटीबीपी में बेसिक प्रशिक्षण हासिल करने के बाद कंमाडो कंटीजेंट बने। भारत तिब्बत सीमा पुलिस में उन्होंने देश के कई भागों में अपनी सेवायें दीं। बाद में 1985 में एसपीजी में शामिल हुए और 1997 तक अपनी बेहतरीन सेवाएं दीं। इस दौरान राजीव गांधी व चंदरशेखर के समय में उन्होंने अपनी सेवायें पीएमओ में दीं। 2007 में उन्होंने वॉलंटरी रिटायरमेंट ली और राजनीति में आये।
उन्होंने 2007 का चुनाव पहली बार जीता और उसके बाद 2012 में भी नंद लाल रामपुर से दोबारा विधायक चुने गये। उन्होंने भाजपा के प्रेम सिंह द्रेक को 9471 मतों से पराजित किया था। जिसके बाद वीरभद्र सिंह की सरकार में मुख्य संसदीय सचिव बने। 2017 में भी नंद लाल ने प्रेम सिंह द्रेक हराया। इस भाजपा ने द्रेक को पार्टी से निकाल दिया है। भाजपा ने इस बार नई रणनीति के तहत भाजपा ने छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े युवा चेहरे कौल नेगी को मैदान में उतारा है। पिछले दिनों कौल सिंह नेगी को हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड का अध्यक्ष नियुक्त किया था। कौल नेगी हल्के में काफी सक्रिय रहे हैं और युवाओं में उन्होंने अच्छी पैठ बना ली है। ऐसे में कौल नेगी के सहारे भाजपा यहां पहली बार कमल खिलाने की तैयारी में लगी है। कांग्रेस पार्टी भी पुनः सत्ता में वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
रामपुर रिजर्व सीट से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2017 नन्द लाल कांग्रेस
2012 नन्द लाल कांग्रेस
2007 नन्द लाल कांग्रेस
2003 सिंघी राम कांग्रेस
1998 सिंघी राम कांग्रेस
1993 सिंघी राम कांग्रेस
1990 सिंघी राम कांग्रेस
1985 सिंघी राम कांग्रेस
1982 सिंघी राम कांग्रेस
1977 निन्ज़ू राम जनता पार्टी












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