हिमाचल चुनाव 2017: देहरा विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिये
शिमला। देहरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा की दस नंबर सीट है। कांगड़ा जिला में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है। यह क्षेत्र साल 2008 में नए परिसीमन के अनुसरण में अस्तित्व में आया। इससे पहले देहरा ज्वालामुखी का हिस्सा था। नए परिसीमन में ज्वालामुखी और परागपुर विधानसभा के कई इलाकों को काट कर देहरा में शामिल किया गया यह सारी कवायद परागपुर विधानसभा क्षेत्र के लंबे चौड़े क्षेत्र को कम करने के मकसद से की गई थी। देहरा के पास बंनखंडी में प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर यहां की पहचान है।

तीन हिस्सों में बंटा है देहरा
देहरा तीन हिस्सों में बंटा है। एक इलाका हरिपुर गुलेर तो दूसरा ढलियारा और तीसरा पुराना ज्वालामुखी पाईसा मूहल। पुराने परागपुर के 32 पोलिंग बूथ कटकर देहरा में मिले हैं। विधानसभा परिसीमन से पहले देहरा परागपुर का ही हिस्सा था। परागपूर अनूसूचित जाति के लिये रिजर्व सीट थी। लेकिन विधानसभा परिसीमन के दौरान जब देहरा बनी तो यह समान्य हो गई। जसवां और परागपुर दो चुनाव क्षेत्र आपस में जुड़े थे। विधानसभा परिसीमन के बाद परागपुर की जगह देहरा विधानसभा क्षेत्र बना। और जसवां की जगह जसवां परागपुर अलग विधानसभा क्षेत्र बना। देहरा जिला कांगड़ा में है लेकिन यह हमीरपुर संसदीय चुनाव क्षेत्र का हिस्सा है। देहरा में ओबीसी मतदाताओं की तादाद सबसे अधिक है। यहां 40 प्रतिशत ओबीसी मतदाता है। जबकि राजपूत 25 प्रतिशत व एससी मतदाता 18 प्रतिशत हैं। अन्य जातियां 17 प्रतिशत हैं। 2012 में देहरा क्षेत्र में कुल 70,424 मतदाता थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में रविंदर सिंह रवि इस देहरा के विधायक चुने गए।

एक नजर में देहरा विधानसभा क्षेत्र
जिला: कांगड़ा
लोकसभा चुनाव क्षेत्र: हमीरपुर
मतदाता: 74,312
जनसंख्या (2011) : 120783
साक्षरता: 75 प्रतिशत
अजिविका: खेती बाड़ी व परंपरागत काम धंधा
शहरीकरण: इलाका ग्रामीण

देहरा (परागपुर रिजर्व) से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी
2012 रविंदर रवि भाजपा
2007 योग राज कांग्रेस
2003 नवीन धीमान निर्दलीय
1998 निर्मला देवी भाजपा
1993 वीरेन्दर कुमार भाजपा
1990 वीरेन्दर कुमार भाजपा
1985 योग राज कांग्रेस
1984 योग राज कांग्रेस
1977 योग राज जनता पार्टी

नये क्षेत्र में किस्मत आजमाई और कामयाब हो गये रविन्दर सिंह
देहरा के विधायक रविन्दर सिंह रवि भाजपा में कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ये भाजपा सरकारों में मंत्री भी रहे हैं। विधानसभा डिलिमिटेशन के दौरान जब उनका इलाका थुरल खत्म हुआ तो पार्टी ने उन्हें देहरा से टिकट दिया और रवि चुनाव जीत गये। 62 वर्षीय रविन्दर सिंह कांगड़ा जिला के भेड़ी के बाशिन्दें हैं। उन्होंने गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर से बीए किया है। उनके दो बेटे हैं। 1990 में युवा मोर्चा से होकर राजनिति में आये और 1993 में पहली बार थुरल से विधायक चुने गये। उसके बाद 1998, 2003 और 2007 में थुरल से विधायक चुने गये। 2012 में पांचवी बार देहरा से चुने गये। 1998 से 2003 के बीच तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री रहे। 2008 से 2012 के बीच सिंचाई मंत्री बने।












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