राजनीति में अपनी किस्मत आजमाएंगे हिमाचल के ये 3 डॉक्टर, इस पार्टी से कर रहे टिकट की दावेदारी
राजनीति में अपनी किस्मत आजमाएंगे हिमाचल के ये 3 डॉक्टर, इस पार्टी से कर रहे टिकट की दावेदारी
शिमला, 08 सितंबर: साल के अंत में हिमाचल प्रदेश के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। हिमाचल चुनाव के लिए सत्ताधारी पार्टी भाजपा समेत सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। वहीं इस बार हिमाचल के 3 बड़े अस्पतालों के डॉक्टर भी अपनी डॉक्टरी छोड़कर चुनावी समर में किस्मत आजमाने उतर रहे हैं। इतना ही नहीं, इन तीनों डॉक्टरों ने सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से ही टिकट की दावेदारी पेश की है।

शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. जनक राज, आईजीएमसी के एमएस डा. ललित चंद्रकांत और दीनदयाल अस्पतालसे डा. लोकेंद्र शर्मा ने वीआरएस मांगा है। यह तीनों डॉक्टर ही राजनीति में अपनी-अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। बता दें कि डॉक्टर जनक राज चंबा जिले के भरमौल क्षेत्र में अपने चुनाव प्रचार में जुट गए है। जनक राज ने भरमौर से लेकर पांगी तक गांव-गांव पैदल घुमकर लोगों के बीच मिलना जुलना शुरू कर दिया है।
डॉक्टर जनक राज के चुनाव मैदान में उतरने की वजह से उनके इस निर्णय की खासी चर्चा हो रही है। दरअसल, भरमौर क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी खासा प्रभाव रहा है। लेकिन अबकी बार जनक राज के मैदान में कूदने से यहां चुनाव खासा रोचक हो गया है। क्योंकि, डॉक्टर जनक राज का झुकाव सत्तारूढ भाजपा और सीएम जयराम ठाकुर की तरफ है। इतना ही नहीं, डॉक्टर जनक राज भाजपा के कोटे से ही टिकट की दावेदारी जता रहे हैं। बता दें कि उन्होंने बीते माह ही अपनी सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में कूदने का निर्णय लिया हैं।
बता दें कि डॉक्टर जनक राज बीते साल शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में कैंटीन के एक मामले को लेकर कांग्रेस के निशाने पर आये थे। इस दौरान उनके खिलाफ बाकायदा शिमला में आंदोलन भी चला गया था। इसी तरह शिमला के दीनदयाल अस्पताल में तैनात रहे ऑर्थो सर्जन डॉक्टर लोकेंद्र शर्मा आने वाले चुनावों में शिमला जिला की ठियोग सीट से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। पिछले चुनावों में भी उन्होंने ठियोग से ही भाजपा से टिकट मांगा था। लेकिन तब वो नाकाम रहे थे।
वहीं, डॉक्टर ललित चंद्रकांत अपनी सरकारी नौकरी छोड मंडी जिला की नाचन सीट से किस्मत आजमाने जा रहे हैं। सक्रिय राजनीति में उतरने के लिए उन्होंने सरकार से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगी है। बीते माह वीआरएस के लिए आवेदन भी कर दिया है। वह करीब 22 साल से संघ से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया है। जिससे मौजूदा भाजपा विधायक विनोद कुमार की राहें मुश्किल होती नजर आ रही हैं। वहीं, दूसरी ओर ललित का भी अपनी बिरादरी में चुनाव लडने को लेकर विरोध हो रहा है। उनकी बिरादरी के लोग नहीं चाहते कि वह चुनाव लडें।












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