हिमाचल चुनाव: टिकट के लिए प्रदेश कांग्रेस ने 40 चेहरों पर लगाई मुहर, कई दावेदारों के मंसूबों पर फिरा पानी
शिमला, 21 जुलाई। हिमाचल में आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चल रही तैयारियों के बीच चुनावी मैदान में उतारे जाने वाले प्रत्याशियों के लिए बनाये गये फार्मूले के तहत प्रदेश कांग्रेस ने चालीस टिकट तय कर दिये हैं और बाकी 28 विधानसभा क्षेत्रों पर अभी पेच फंसा हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से 40 विधानसभा क्षेत्रों में उतारे जाने वाले नेताओं की लिस्ट पार्टी आलाकमान को भेजी जा रही है। लेकिन, पार्टी की ओर से जिन नेताओं पर अपनी मुहर लगाई गई है। उससे साफ हो गया है कि पार्टी में न तो कोई बदलाव आने वाला, न ही उदयपुर संकल्प के तहत नये चेहरों को इस बार कोई खास मौका मिलेगा। यही वजह है कि टिकट के कई चाहवानों को इससे मायूसी हाथ लगी है। पार्टी में एक बार फिर गुटबाजी का माहौल तैयार होने लगा है। निस्संदेह पार्टी आलाकमान प्रदेश कांग्रेस की ओर से भेजे गये नामों पर अंतिम मुहर लगा देता है तो पार्टी में बगावत होने का अंदेशा भी है।

दरअसल, पिछला विधानसभा चुनाव भारी मतों के अंतर से हारे नेताओं के चुनाव क्षेत्रों में इस बार बदलाव लाने की मांग उभर कर आ रही थी। वहीं, उदयपुर संकल्प के बहाने पार्टी नेताओं में इस बार अपने लिये मौका मिलने की आस बंधी थी जिनमें कई युवा नेता भी थे। लेकिन इस मामले में प्रदेश कांग्रेस ने पुराने ही चेहरों को एक बार फिर मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। हालांकि हाल ही में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व भाजपा अध्यक्ष खीमी राम को कुल्लू जिला के बंजार से मैदान में उतारने के लिये पार्टी में सहमति बन गई है। अगर ऐसा होता है तो वहां पूर्व मंत्री स्वर्गीय कर्ण सिंह के बेटे अदित्य विक्रम सिंह का टिकट कटना तय है। यहां पार्टी में बगावत के आसार पैदा होने लगे है। स्थानीय संगठन खीमी राम को आसानी से गले लगाने को तैयार नहीं है। इसी तरह पार्टी चौपाल से रजनीश किमटा और नालागढ से बाबा हरदीप सिंह, पच्छाद से दयाल प्यारी व सुलह से डीएस राणा के तौर पर नये चेहरों को मौका देने जा रही है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या इससे पार्टी में गुटबाजी पर विराम लग सकेगा।

हालांकि मौजूदा दौर में पार्टी के अंदर भी अच्छी खासी गुटबाजी है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और मंडी से लोकसभा सांसद प्रतिभा सिंह का अपना एक बड़ा गुट है। वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए प्रतिभा सिंह को कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। प्रतिभा सिंह के अलावा सुखविंदर सिंह सुक्खू, और मुकेश अग्निहोत्री के अपने-अपने गुट सक्रिय हैं। हालांकि सुखविन्दर सिंह सुक्खू अपनी साफ छवि की वजह से कांग्रेस के सबसे बडे कद्दावर नेता हैं। उन्हें अगले मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पार्टी में देखा जा रहा है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी बडी कुर्सी पर बैठने का सपना संजोये बैठे हैं। देखना होगा कि दिल्ली दरबार प्रदेश कांग्रेस के पैनल में काई बदलाव करता है या फिर नहीं। बाकी 28 सीटों पर भी पुराने ही चेहरे उतारे जाते हैं या नयों पर दांव खेला जाता है।

ऐसे में यह देखना होगा कि कांग्रेस कैसे एक बार फिर से पहाड़ी राज्य की सत्ता में वापसी के लिए चुनाव में उतरती है। इसी साल मार्च में यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा समेत पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को करारी हार झेलनी पड़ी थी। उसके बाद ये पहले विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन मायने रखेगा।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से इन नामों पर मुहर लगी है।
1. रोहडू - मोहन लाल ब्रागटा
2. कोटखाई - रोहित ठाकुर
3. रामपुर - नंदलाल
4. किन्नौर - जगत सिंह नेगी
5. मनाली - हरी चंद शर्मा
6. कुल्लू - सुंदर ठाकुर
7. बंजार - खिमी राम
8. ठियोग - कुलदीप सिंह राठौर
9. शिमला ग्रामीण - विक्रमादित्य सिंह
10. चौपाल - रजनीश किमटा
11. सिलाई - हर्षवर्धन चौहान
12. नालागढ़ - बाबा हरदीप सिंह
13. सोलन - धनीराम शांडिल
14. अर्की - संजय अवस्थी
15. रेणुका जी - विनय कुमार
16. पच्छाद - दयाल प्यारी
17. नैना देवी - रामलाल ठाकुर
18.घुमारवीं - राजेश धर्माणी
19. बड़सर - इंद्रदत्त लखनपाल
20. नादौन - सुखविंदर सिंह सुक्खू
21.सुजानपुर - राजेंद्र राणा
22. मंडी सदर - आश्रय शर्मा
23. द्रंग - कौल सिंह ठाकुर
24.सरकाघाट - यदुपति ठाकुर
25.नाचन - नरेश चौहान
26.सराज - चेतराम ठाकुर
27. सुंदरनगर - सोहनलाल ठाकुर
28 पालमपुर - आशीष बुटेल
29.जयसिंहपुर - यादविंद्र गोमा
30 सुलह - डीएस राणा
31 ज्वाला जी - संजय रतन
32 धर्मशाला - सुधीर शर्मा
33 नूरपुर - अजय महाजन
34 फतेहपुर - भवानी पठानिया
35 कांगड़ा - पवन काजल
36 डलहौजी - आशा कुमारी
37 भरमौर - सुजीत भरमौरी
38 चंबा - हर्ष महाजन
39 उना सदर - सतपाल रायजादा
40 हरोली - मुकेश अग्निहोत्री












Click it and Unblock the Notifications