वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य 84 करोड़ के मालिक होकर भी हैं कर्जदार
शिमला। हिमाचल प्रदेश में चुनाव लड़ रहे नेताओं की आमदनी को लेकर इन दिनों अच्छी-खासी चर्चा लोगों में हो रही है। चुनावी चर्चा में यह भी एक मुद्दा बनता जा रहा है। चूंकि लोगों ने अपने पास के नेता को ऐसे भी देखा था, जब उनके पास स्कूटर तक नहीं होता था लेकिन नेता जी विधायक बने तो हालात बदले और वह करेाड़पति हो गये। प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन भरने वाले कुल 470 उम्मीदवारों में से सबसे अधिक 89.82 करोड़ की संपत्ति के मालिक चौपाल क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी बलबीर वर्मा हैं। बलबीर के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह 84 करोड़ रुपए की चल एवं अचल संपत्ति के मालिक हैं।

शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़ रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह की संपत्ति 84 करोड़ रुपए है लेकिन उन पर 84 लाख रुपए का कर्ज है जिसे हैदराबाद के कारोबारी वकामुल्ला चंद्रशेखर को चुकाना है। विक्रमादित्य को कंस्ट्रक्शन ठेकेदार को 40 लाख और वाहन कर्ज के रूप में 10 लाख का कर्ज चुकाना है।

नामांकन के साथ दाखिल शपथ पत्र के मुताबिक विक्रमादित्य की चल संपत्ति 4 करोड़, 50 लाख, 30 हजार, 056 रुपए है, वहीं अचल संपत्ति 79 करोड़ रुपए से अधिक है। उनके पास नकदी 1 लाख रुपए है। विक्रमादित्य सिंह के पास 14 लाख रुपए की महिंद्रा एस.यू.वी. गाड़ी, 5.19 लाख रुपए की महिंद्रा सी.आर.डी.ई. व 30 लाख रुपए की फोर्ड एंडेवर गाड़ी है। इसके अलावा 10.26 लाख रुपए का सोना व 10 लाख रुपए कीमत का जिम सामान, लैपटॉप व मोबाइल हैं। यह कुल चल संपत्ति 4 करोड़, 50 लाख, 30 हजार, 056 रुपए की है। अचल संपत्तियों में विक्रमादित्य सिंह के पास सराहन व अन्य स्थानों पर 79 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है।
26 को नाम वापसी के बाद साफ होगी तस्वीर
नामांकन पत्रों की पड़ताल के बाद 26 अक्तूबर तक प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकते हैं। यानी नामांकन वापसी के दिन ही चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो सकेगी। इसके बाद यह पता चल जाएगा कि किस पार्टी के कितने बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।
चुनाव आयोग को मिलीं 55 शिकायतें, 8 का निपटारा
चुनाव आयोग को अब तक आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की 55 शिकायतें मिली हैं। इनमें से अब तक 8 का निपटारा कर लिया गया है जबकि 10 मामलों की रिपोर्ट मिल गई है। उल्लेखनीय है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की अधिकांश शिकायतें भाजपा की तरफ से की गई हैं।
आयकर विभाग ने विधानसभा चुनावों के लिए किया नोडल अधिकारी नियुक्त
आयकर विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रमानुसार हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2017 में विधान सभा चुनावों के निर्वाचन हेतु श्री मनीष सरीन (भा.रा.से.) अतिरिक्त आयकर आयुक्त (अन्वेषण), चंडीगढ़ को आयकर विभाग की तरफ से राज्य का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। आयकर विभाग ने चुनावों के दौरान अवैध नगदी की आवाजाही पर रोकथाम व निगरानी रखने के लिए राज्य की राजधानी शिमला में एक नियन्त्रण कक्ष भी स्थापित किया है, जिससे टोल फ्री नम्बर 180-180-8089 पर सम्पर्क किया जा सकता है। अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए टैलीफोन नम्बर:- 0177-2621567, फैक्स नम्बर 0177-2621567 तथा ई-मेल पर सम्पर्क कर सकते है।












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