Cloud Burst in Himachal Pradesh: मंडी में फूटा बादल का गुस्सा, 4 की मौत, 18 लापता, Red अलर्ट जारी
Cloud Burst in Himachal Pradesh: हिमाचल में कुदरत का कहर बरपा है, यहां के मंडी जिले में मंगलवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने से 4 लोगों की मौत हो गई और एक परिवार के पांच सदस्यों सहित 18 लोग लापता हो गए हैं। हालांकि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य पुलिस के कर्मी लगातार बचाव कार्यों में लगे हैं।
मंडी जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि 'पिछले 12 घंटों में करसोग, गोहर और धर्मपुर उपखंडों में बादल फटने की सूचना मिलने के बाद 34 लोगों को बचाया भी गया। बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों में तीन दर्जन से अधिक मवेशी, जिनमें गाय, बछड़े और बकरियां शामिल हैं, लापता हैं। यहां पर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।'

मंडी में बादल फटने से तबाही (Cloud Burst in Himachal Pradesh)
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मंडी के अनुसार, गोहर उप-मंडल से पदम सिंह (75), उनकी पत्नी देवकु देवी (70), झाबे राम (50), उनकी पत्नी पार्वती देवी (47), सुरमी देवी (70), इंद्र देव (29), उनकी पत्नी उमावती (27), उनकी बेटी कनिका (9) और उनका सात वर्षीय बेटा गौतम लापता हैं।
पानी का बहाव 1.57 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया
पंडोह बांध से पानी का बहाव 1.57 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है, जिससे व्यास नदी में बाढ़ आ गई है। ऊपरी धारा से 1.65 लाख क्यूसेक पानी की आवक के साथ, बांध के सभी पांच बाढ़ द्वार खोल दिए गए हैं। निवासियों ने अपने घर खाली कर दिए है।
भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी (Cloud Burst in Himachal Pradesh)
आज भी भारतीय मौसम विभाग ने चंबा, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि वो घर से निकलते वक्त मौसम विभाग का अपडेट जरूर जान लें।
भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन
मालूम हो कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश में जून में 135 मिमी बारिश दर्ज की गई
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में जून में 135 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 101 मिमी से 34 प्रतिशत अधिक है, जो 1901 के बाद से 21वीं सबसे अधिक जून की बारिश है। रिकॉर्ड 1971 में 252.7 मिमी है। हिमाचल प्रदेश प्रशासन ने जनता को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में, और आधिकारिक मौसम और आपदा अलर्ट के माध्यम से अपडेट रहने के लिए कहा है।
क्या होता है बादल फटना? (Cloud Burst in Himachal Pradesh)
बादल का फटना एक प्राकृतिक घटना है, जो कि 'प्रेगनेंट क्लाउड' के कारण होती है। यहां 'प्रेगनेंट क्लाउड' का मतलब कि पानी से भरे हुए बादल से है, जो कि जब किसी बाधा से टकराते हैं तो प्रलय के रूप में बरसते हैं। क्लाउड बर्स्ट में सामान्य रूप से 100 मिमी से अधिक वर्षा प्रति घंटे की दर से होती है। यह बारिश इतनी तीव्र होती है कि मिट्टी और पहाड़ पानी को सोख नहीं पाते, जिससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और मकानों के गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
Cloud Burst के कारण
- वायुमंडलीय अस्थिरता
- अत्यधिक नमी और तापमान का अंतर
- पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों का टकराव और रुकाव
- मानवजनित कारण जैसे वनों की कटाई और शहरीकरण
Cloud Burst से बचाव के उपाय
- मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान दें।
- क्लाउड बर्स्ट के समय निचले इलाकों से हटकर ऊंची जगह पर जाएं।
- पानी, टॉर्च, दवाइयां, खाने का सामान और जरूरी चीजें घर पर रखें।
- जल निकासी व्यवस्था मजबूत करें।












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