कद्दावर नेता सुधीर शर्मा को पार्टी में लाकर हिमाचल कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती है भाजपा
शिमला, 26 अप्रैल। हिमाचल कांग्रेस में चल रही उठापटक के बीच पार्टी को एक बड़ा झटका देने की तैयारी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कर ली है। जिसके तहत हिमाचल कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे में शुमार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व वीरभद्र सिंह सरकार में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को भाजपा अपने खेमे में शामिल करने जा रही है। इसके लिये दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है। हलांकि खुद सुधीर शर्मा भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर रहे हैं।

दरअसल, हिमाचल के राजनीतिक गलियारों में सुधीर शर्मा के भाजपा के शामिल होने की चर्चा जोरों पर चल रही है। इस बारे में जल्दी निर्णय हो सकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और खुद कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा भी दिल्ली में डेरा डाले हैं। दिल्ली में इसको लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है। सुधीर शर्मा को भाजपा में लाने के लिये पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा प्रयासरत हैं। हाल ही में कांगडा प्रवास के दौरान नड्डा व सुधीर शर्मा के बीच मुलाकात हुई थी। उस दौरान ही इस मुलाकात के मायने निकाले जा रहे थे। लेकिन इस सबके बीच बीते दिन सीएम जय राम ठाकुर जब दिल्ली पहुंचे, तो उनसे सुधीर शर्मा मिले। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद सीएम गृह मंत्री अमित शाह से मिले। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने सुधीर शर्मा को लेकर कोई निर्णय लेने से पहले सीएम जय राम ठाकुर और पार्टी अध्यक्ष सांसद सुरेश कश्यप से फीडबैक लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक सुधीर शर्मा के साथ कुछ ओर कांग्रेस नेता भी भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इसी को लेकर दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है। सुधीर के अलावा कांगडा से कांग्रेस के मौजूदा विधायक पवन काजल , बैजनाथ से पूर्व विधायक किशोरी लाल और जय सिंह पुर से पूर्व विधायक यादविन्दर गोमा भी कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ अपना नया राजनीतिक ठिकाना तलाश कर रहे हैं।
फिलहाल भाजपा आलाकमान सुधीर शर्मा के मामले में निर्णायक मोड़ पर आ चुका हे। डिलिमिटेशन में बैजनाथ हल्का रिजर्व हुआ तो उसके बाद सुधीर शर्मा को धर्मशाला शिफ्ट करना पड़ा था। लेकिन 2017 के चुनावों में सुधीर शर्मा भाजपा के किशन कपूर से चुनाव हार गये। बाद में लोकसभा चुनावों में किशन कपूर को उतारा गया, तो सुधीर शर्मा ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया। लेकिन उप चुनावों में सुधीर शर्मा समर्थक प्रत्याशी भाजपा के विशाल नैहरिया से बुरी तरह हार गया। यही वजह है कि सुधीर शर्मा इस साल के अंत में होने वाले चुनावों में पालमपुर से चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। प्रदेश के बदले राजनीतिक समीकरणों में आप के आने के बाद कई कांग्रेस नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य के खतरे में पड़ने का अंदेशा पैदा हो गया है। जिसके चलते यह लोग अपने नये ठिकाने की तलाश में हैं।
बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व सुधीर शर्मा को पालमपुर से उतारने के लिये तैयार हो चुका है। यह सीट इस समय कांग्रेस के कब्जे में है। सुधीर शर्मा के यहां से चुनाव लड़ने की मंशा के पीछे साथ लगता बैजनाथ हल्का है। जो उनके परिवार की कर्मभूमि रही है। और कुछ पंचायतें पालमपुर में आ गई हैं। धर्मशाला में पिछले चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी को हराने में अहम भूमिका निभाने वाले राकेश चौधरी के आप में शामिल होने के बाद ही सारे समीकरण गड़बड़ाने लगे हैं।
इसी तरह कांगडा से मौजूद कांग्रेस विधायक पवन काजल को लेकर भाजपा में कोई गतिरोध नहीं है। पवन काजल भाजपा से ही कांग्रेस में आये थे। अब उनकी घर वापसी होने जा रही है। वहीं, बताया जा रहा है कि बैजनाथ व जयसिंहपुर के पूर्व विधायकों को कांग्रेस में अपना भविष्य उज्जवल होता नजर नहीं आ रहा हैं।












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