गुरमीत राम रहीम के खिलाफ फैसले के चलते थम गया है हिमाचल
एक तरह से यहां जिंदगी की रफ्तार थम सी गई है। गुरूवार से आज शाम 5 बजे तक दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के रूटों पर सेवाएं सस्पेंड हैं जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
शिमला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ आये अदालती फैसले के चलते हिमाचल प्रदेश में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एक तरह से यहां जिंदगी की रफ्तार थम सी गई है। गुरूवार से आज शाम 5 बजे तक दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के रूटों पर सेवाएं सस्पेंड हैं जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। खासतौर पर चंडीगढ़ और हरियाणा जाने वाले यात्री परेशान हैं। बाहरी प्रदेशों को जाने वाले 200 रूटों पर बस सेवाएं फिलहाल बंद हैं व मात्र हिमाचल की सामाओं तक ही बसें चल रही हैं। बस सेवा को आज बहाल किया जायेगा कि नहीं इस पर सरकार मंथन के दौर में जुटी है। लेकिन आसार ऐसे नहीं हैं कि बस सेवा बहाल हो।

हिमाचल में बस सेवाएं ठप्प
शिमला से चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को बसें पिंजौर तक छोड़ रही हैं। दिल्ली के लिए पिंजौर से बद्दी और नालागढ़ होते हुए बस रुट बनाया गया है। पीजीआई रैफर होने वाले मरीजों को भी पिंजौर से बद्दी होते हुए पीजीआई तक पहुंचने का बंदोबस्त किया गया है। 24 घंटे तक बस सेवा बंद होने से एचआरटीसी को 1 करोड़ का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। अगर शाम 5 बजे के बाद भी बस सेवा बहाल नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ेगा।

राम रहीम केस पर फैसले के बाद हालात संवेदनशील
संवदेनशील बने हालात की वजह से हिमाचल घूमने आए पर्यटक भी परेशान हैं। सोलन में फंसे विदेशी पर्यटकों ने बताया कि वह हिमाचल में घूमने आए थे और अब वापिस अपने देश जाना चाहते हैं लेकिन दिल्ली के लिए कोई बस नहीं मिल रही है ओर न ही कोई टैक्सी उन्हें दिल्ली पहुंचाने को तैयार है। दिल्ली से उनके एयर टिकट तो बुक हैं मगर दिल्ली तक पहुंचना अपने आप में बड़ी चुनौती है। दूसरे पर्यटकों को भी इसी तरह की परेशानी हो रही है। टैक्सी यूनियन ने फैसला लिया है कि वह फिलहाल सवारी को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर नहीं जाएंगे।
मुसाफिरों के साथ-साथ सेब बागवानों को भी परेशानी है। सेब का सीजऩ शुरू हो गया है और बागवानों को अपना माल मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। सेब के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इन हालात की वजह से पूरे हिमाचल को एक दिन में करीब 15-20 करोड़ रुपए होने की आशंका है। टमाटर के व्यापारियों को भी एक दिन में करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। डर इस बात का है कि अगर ये मामला खिंचा तो वो क्या करेंगे।

हिमाचल में करोड़ों रुपए का नुकसान
फैसले का असर हिमाचल प्रदेश के विश्व विख्यात शक्तिपीठों पर भी देखने को मिला है। यहां पर श्रद्धालुओं की संख्या आम दिनों से काफी कम रही क्योंकि हिमाचल के इन विश्व विख्यात शक्तिपीठों पर ज्यादातर श्रद्धालु हिमाचल, पंजाब और हरियाणा से दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इन राज्यों में हाई अलर्ट के चलते श्रद्धालु एवं पर्यटकों की संख्या काफी कम रह गई है। शुक्रवार को यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या काफी कम रही और बाजार में भी सन्नाटा छाया रहा। हलांकि अगले एक-दो दिनों तक श्रद्धालुओं की संख्या और भी कम हो सकती है। वहीं पंजाब से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें आने में कोई भी परेशानी नहीं हुई लेकिन जगह-जगह पुलिस बल तैनात है।












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